Chiraia Vidhan Sabha: हर चुनाव में पलटता है सियासी खेल, भाजपा बनाम राजद की टक्कर जारी, हार-जीत का अंतर बेहद कम

Chiraia Vidhan Sabha: चिरैया विधानसभा क्षेत्र में चुनावी खेल कभी भी पलट सकता है. यहां के मतदाता बेहद जागरूक होते हैं और उनका वोट बैंक समय के साथ बदलता रहता है. भाजपा और राजद के बीच कड़ी टक्कर हमेशा देखने को मिलती है. इसके अलावा, जद-यू और अन्य दल भी चुनावी मैदान में रहते हैं, जिससे राजनीति में और भी रोमांच जुड़ जाता है.

Chiraia Vidhan Sabha: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में स्थित चिरैया विधानसभा क्षेत्र हमेशा से ही चुनावी हलचलों का गवाह रहा है. यह क्षेत्र ना केवल अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि यहां के चुनावी परिणाम भी हमेशा दिलचस्प होते हैं. चिरैया विधानसभा क्षेत्र में राजनीति एक रोमांचक खेल की तरह होती है, जिसमें हर चुनाव के बाद परिणाम कभी भी बदल सकते हैं.

चिरैया विधानसभा को बारे में जानिए

चिरैया विधानसभा क्षेत्र बिहार के प्रमुख विधानसभा क्षेत्रों में से एक है. यह पूर्वी चंपारण जिले का हिस्सा है और इसका लोकसभा क्षेत्र भी पूर्वी चंपारण है. यह क्षेत्र सामाजिक और जातिगत दृष्टि से विविधतापूर्ण है, जहां यादव, भूमिहार, राजपूत, मुसलमान और अन्य पिछड़ा वर्ग के मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं. यहां की राजनीति में सवर्ण, पिछड़ा और मुस्लिम वोट बैंक के समीकरण अक्सर चुनावी परिणाम को प्रभावित करते हैं.

जीत का अंतर कभी बड़ा तो कभी बेहद कम

चिरैया विधानसभा में चुनावी मैदान में भाजपा, राजद, जदयू और कई अन्य छोटे दल और निर्दलीय उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमाते हैं. इस विधानसभा क्षेत्र में वोटों का अंतर कभी बड़ा होता है तो कभी बेहद कम.

पिछले तीन विधानसभा चुनावों के परिणाम

2020 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार लाल बाबू प्रसाद गुप्ता ने जीत दर्ज की. उन्होंने राजद के अच्छे लाल प्रसाद को हराया. लाल बाबू ने 62904 वोटों के साथ 37.97% वोट शेयर के साथ चुनाव जीतने में सफलता प्राप्त की. वहीं, राजद के उम्मीदवार अच्छे लाल प्रसाद को 46030 वोट मिले, जो कि 27.78% थे. इस चुनाव में भाजपा ने राजद को हराकर यह सीट अपने नाम की.

2015 में भी भाजपा के लाल बाबू प्रसाद गुप्ता ने जीत का परचम लहराया. इस बार उन्होंने राजद के उम्मीदवार लक्ष्मी नारायण प्रसाद यादव को हराया. लाल बाबू को 62831 वोट मिले, जबकि राजद को 58457 वोट मिले. फर्क सिर्फ 4374 वोटों का था. इस चुनाव ने यह साबित कर दिया कि चिरैया विधानसभा क्षेत्र में जीत-हार के बीच का अंतर बेहद कम होता है. कोई भी पार्टी कभी भी मुकाबले में वापस आ सकती है.

2010 के चुनाव में भाजपा के अवनीश कुमार सिंह ने राजद के लक्ष्मी नारायण प्रसाद यादव को हराकर जीत दर्ज की. अवनीश को 39459 वोट मिले. राजद को 24631 वोट मिले. इस चुनाव में भाजपा ने क्षेत्र में पकड़ मजबूत की.

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कभी भी पलट सकता है खेल

चिरैया विधानसभा में सवर्ण, पिछड़ा वर्ग और मुसलमानों का वोट महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. हर चुनाव के साथ नए समीकरण बनते हैं. यही वजह इस क्षेत्र को राजनीति का एक दिलचस्प रणक्षेत्र बनाता है.

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लेखक के बारे में

Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.