Bihar Census 2027: देश में जनगणना का काम तेजी से किया जा रहा है. इस बीच बिहार की बात करें तो, आज से घर-घर सर्वे की शुरुआत हो गई है. पटना में डीएम डॉ. त्यागराजन एस. एम. ने जनगणना की औपचारिक तौर पर शुरुआत की. डीएम शनिवार को दानापुर के रामजीचक (दीघा) पहुंचे, जहां उन्होंने सर्वे किया. पहले फेज में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य किया जाएगा.
पटना के डीएम ने क्या कहा?
इन दौरान जिला स्तरीय समारोह का जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस. एम. ने उद्घाटन किया. उन्होंने जनगणना के महत्व पर जोर डालते हुए कहा कि यह प्रक्रिया देश की विकास योजनाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण आधार प्रदान करती है. कार्यक्रम में डीडीसी श्रीकांत कुंडलिक खांडेकर, एसडीओ अनिरुद्ध पांडेय, बीडीओ आलोक कुमार समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे.
2 प्रशासनिक इकाइयों में बंटा पटना
जनगणना कार्य को सुचारू और कुशलतापूर्वक संचालित करने के उद्देश्य से पटना जिले को दो प्रशासनिक इकाइयों में विभाजित किया गया है. पटना नगर निगम क्षेत्र की जिम्मेदारी नगर आयुक्त को सौंपी गई है, जबकि बाकी के जिले, जिसमें ग्रामीण इलाके औरअन्य नगर निकाय शामिल हैं, के कुल 40 चार्जों का दायित्व जिला पदाधिकारी स्वयं ‘प्रधान जनगणना अधिकारी’ के रूप में निभा रहे हैं.
मजबूत आधारभूत ढांचा और कार्यबल की तैनाती
जनगणना के सफल संचालन के लिए जिले में व्यापक स्तर पर तैयारी की गई है. कुल 8,114 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (HLB) बनाए गए हैं, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि जिले के हर घर तक पहुंच संभव हो सके.
ग्राउंड लेवल पर डेटा संग्रहण के लिए 7,963 प्रगणकों (Enumerators) की तैनाती की गई है. ये प्रगणक घर-घर जाकर नागरिकों से आवश्यक जानकारी इकट्ठा करेंगे. इसके साथ ही 1,343 पर्यवेक्षक (Supervisors) को नियुक्त किया गया है, जो प्रगणकों के कार्य की निगरानी करेंगे और गुणवत्ता सुनिश्चित करेंगे.
डिजिटल जनगणना: तकनीक के साथ नई पहल
जिला पदाधिकारी ने बताया कि ‘जनगणना 2027’ देश की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना है. इस बार आधुनिक तकनीक का व्यापक उपयोग किया जा रहा है, जिससे डेटा संग्रहण, संकलन और विश्लेषण की प्रक्रिया अधिक तेज, सटीक और पारदर्शी हो सकेगी.
(पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट)
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