क्या गर्मियों में टैंक फुल करवाना आपकी कार के लिए रिस्की है? छोटी सी गलती दे सकती है टेंशन

Overfilling Car Fuel Tank: गर्मी में कार की टंकी जरूरत से ज्यादा भरवाना आपकी सोच से ज्यादा नुकसानदायक हो सकता है. हाई टेम्परेचर में फ्यूल फैलता है, जिससे कार के सिस्टम पर लोड बढ़ सकता है. खासकर ऑटो कट के बाद टॉप-अप करवाने की आदत आगे चलकर खर्च और सेफ्टी दोनों के लिए परेशानी खड़ी कर सकती है.

Overfilling Car Fuel Tank: गर्मी के मौसम में कई कार मालिकों के मन में एक सवाल जरूर आता है कि क्या कार की फ्यूल टैंक को पूरी तरह ऊपर तक भरवाना सही रहेगा? अगर आपके मन में भी यही कन्फ्यूजन है, तो जवाब है नहीं. ऐसा करना गर्मियों में थोड़ा रिस्की हो सकता है. दरअसल, तेज गर्मी में पेट्रोल या डीजल फैलता है और टैंक में अगर बिल्कुल भी खाली जगह न बचे, तो प्रेशर बढ़ सकता है. 

हालांकि अगर कभी-कभार आपने टैंक फुल करवा भी लिया है, तो घबराने की जरूरत नहीं है. लेकिन बार-बार ऐसा करना आपकी कार और सेफ्टी दोनों के लिए दिक्कत पैदा कर सकता है. आखिर ऐसा क्यों होता है, आइिए समझते हैं.

तेज गर्मी में फ्यूल फैलता है

गर्मी के मौसम में पेट्रोल-डीजल फुल टैंक करवाना हमेशा सही नहीं होता है. दरअसल, टेम्परेचर बढ़ते ही फ्यूल भी फैलने लगता है. ऐसे में टैंक के अंदर मौजूद पेट्रोल या डीजल ज्यादा गर्म होकर तेजी से फैलता है और भाप बनने लगता है. अगर टैंक को बिल्कुल ऊपर तक भर दिया जाए, तो इस फैलाव के लिए जगह नहीं बचती. नतीजा ये होता है कि टैंक के अंदर प्रेशर और ज्वलनशील गैसें बढ़ने लगती हैं, जो गाड़ी के वेंटिंग या EVAP सिस्टम पर असर डाल सकती हैं.

EVAP सिस्टम होगा खराब

आजकल की मॉडर्न कारों में EVAP सिस्टम दिया जाता है. इसका काम पेट्रोल से निकलने वाली भाप को कंट्रोल करना और उसे हवा में फैलने से रोकना होता है. लेकिन कई लोग टैंक फुल होने के बाद भी बार-बार पेट्रोल भरवाते रहते हैं. ऐसा करने पर लिक्विड फ्यूल EVAP सिस्टम के अंदर पहुंच सकता है. इससे इसके जरूरी पार्ट्स खराब होने का खतरा बढ़ जाता है.

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हाई टेम्परेचर में पेट्रोल टंकी से बाहर आ जाता है

गर्मी में जब कार धूप में खड़ी रहती है, तो पेट्रोल फैलने का खतरा बढ़ जाता है. दरअसल, हाई टेम्परेचर में फ्यूल फैलता है और टंकी से बाहर निकल सकता है. यह सिर्फ नुकसान की बात नहीं है, बल्कि काफी खतरनाक भी हो सकता है क्योंकि पेट्रोल बेहद ज्वलनशील होता है.

तो फिर सही तरीका क्या है?

पेट्रोल भरवाते समय एक बात हमेशा याद रखें कि जैसे ही नोजल ऑटो कट हो जाए, वहीं रुक जाएं. उसके बाद जबरदस्ती टॉप-अप करवाना सही नहीं होता. गर्मियों में अगर हो सके तो गाड़ी को छांव में पार्क करें और पेट्रोल भरवाने के बाद फ्यूल कैप ठीक से बंद है या नहीं, यह भी जरूर चेक करें.

असल में, गर्मियों में टैंक फुल करवाना कोई प्रॉब्लम नहीं है. दिक्कत तब शुरू होती है जब लोग ऑटोमैटिक कट-ऑफ के बाद भी जबरदस्ती पेट्रोल ठूंस-ठूंसकर भरवाने लगते हैं. यही छोटी सी गलती आगे चलकर परेशानी की वजह बन सकती है.

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By Ankit anand

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अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

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अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

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बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

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अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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