PM Modi Convoy Reduced: हाल ही में फ्यूल बचाने की अपील के बाद एक दिलचस्प बदलाव देखने को मिला है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काफिले से जुड़ा एक नया वीडियो सामने आया है. दिल्ली में उनका कारकेड पहले के मुकाबले काफी छोटा नजर आ रहा है. जहां पहले पीएम के काफिले में 10 से ज्यादा गाड़ियां शामिल होती थीं, वहीं अब इसे घटाकर सिर्फ दो एसयूवी तक सीमित कर दिया गया है. एक Range Rover और दूसरी Toyota Fortuner.
ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर इतने लंबे काफिले में से सिर्फ यही दो गाड़ियां क्यों चुनी गईं? इन दोनों एसयूवी में ऐसी क्या खासियत है कि इन्होंने बाकी गाड़ियों की जगह ले ली? आइए जानते हैं इसके पीछे की वजह.
Range Rover की खासियत
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में प्रधानमंत्री के काफिले की दो गाड़ियों में से एक के तौर पर रेंज रोवर सेंटिनल नजर आ रही है. यह सिर्फ अपनी दमदार मौजूदगी के लिए नहीं, बल्कि बेहद हाई-लेवल सेफ्टी के लिए भी जानी जाती है. आम दिनों में भी यह SUV प्रधानमंत्री के काफिले का अहम हिस्सा रहती है और इसका खास आर्मर्ड वर्जन यूज किया जाता है.
सेफ्टी की बात करें तो यह SUV किसी चलते-फिरते किले से कम नहीं है. इसमें VR8-लेवल बैलिस्टिक प्रोटेक्शन मिलता है. यानी यह 7.62 mm की आर्मर-पियर्सिंग गोलियों का सीधा सामना कर सकती है. इतना ही नहीं, इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह 15 kg TNT के बराबर धमाके को भी झेल सकती है. साथ ही ऊपर या नीचे से होने वाले ग्रेनेड हमलों से भी सेफ्टी देती है.
इन जबरदस्त सेफ्टी फीचर्स के अलावा इसमें फायर सप्रेशन सिस्टम, धुएं या गैस हमले से बचाने के लिए अलग ऑक्सीजन सप्लाई और इमरजेंसी के समय यूज होने वाला पब्लिक एड्रेस सिस्टम भी दिया गया है. खास बात यह है कि इतनी मजबूत सेफ्टी के साथ इसके केबिन में लग्जरी फीचर्स का भी पूरा ध्यान रखा गया है.
Toyota Fortuner की खासियत
ऑटोमोबाइल की दुनिया में जापानी SUV को भरोसेमंद गाड़ियों में गिना जाता है. भारत में इस SUV की पॉपुलैरिटी भी काफी मजबूत है. यही वजह है कि यह SUV देश के प्रधानमंत्री के काफिले का भी हिस्सा है. पीएम की सेफ्टी को ध्यान में रखते हुए इस गाड़ी को खास सेफ्टी फीचर्स और एक्स्ट्रा प्रोटेक्शन से लैस किया जाता है.
भारतीय बाजार में यह SUV दो इंजन ऑप्शन के साथ आती है. इसका पेट्रोल वर्जन 2.7-लीटर इंजन के साथ मिलता है, जो 166 hp की ताकत देता है. इसमें सिर्फ ऑटोमैटिक गियरबॉक्स का ऑप्शन दिया गया है. वहीं डीजल मॉडल में 2.8-लीटर इंजन दिया गया है, जो 204 hp की पावर जनरेट करता है. खास बात यह है कि डीजल वेरिएंट में मैनुअल और ऑटोमैटिक दोनों ट्रांसमिशन ऑप्शन मिलते हैं. अगर 4WD यानी फोर-व्हील ड्राइव चाहिए, तो यह सुविधा सिर्फ डीजल वेरिएंट में ही मौजूद है.
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