सावधान! PayTm पर अब नहीं मिलेगी FASTags की सुविधा, NHAI ने बैंकों की लिस्ट से किया बाहर

पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर आरबीआई की ओर से कार्रवाई किए जाने के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने टोल टैक्स कलेक्शन के लिए पेटीएम पेमेंट्स बैंक को अधिकृत बैंकों की लिस्ट से बाहर कर दिया है. एनएचएआई के इस कदम के बाद पेटीएम फास्टैग को यूज करने वाले यूजर्स अब उसकी सेवा नहीं ले पाएंगे. इसके अब उन्हें दूसरे अधिकृत बैंकों की सेवाएं लेनी होंगी.

नई दिल्ली: कार, बस, ट्रक और भारी वाहन रखने वाले मालिकों के लिए एक बेहद जरूरी खबर है. अगर आप पेटीएम पेमेंट बैंक की फास्टैग सेवा ले रहे हैं, तो अब आपको यह सुविधा नहीं मिलेगी. इसका कारण यह है कि अभी हाल के दिनों में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से पेटीएम पेमेंट बैंक पर कार्रवाई किए जाने के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने फास्टैग जारी करने के लिए अधिकृत बैंकों की लिस्ट से पेटीएम को बाहर कर दिया है. टोल प्लाजा पर टोल टैक्स का कलेक्शन करने वाली कंपनी भारतीय राजमार्ग प्रबंधन कंपनी लिमिटेड (आईएचएमसीएल) ने पेटीएम फास्टैग यूजर्स को टोलगेटों पर 32 दूसरे बैंकों से फास्टैग सेवा के इस्तेमाल करने की सलाह दी है.

आईएचएमसीएल ने 19 जनवरी पेटीएम फास्टैग पर लगाई रोक

मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, आईएचएमसीएल ने सोशल मीडिया पर घोषणा की है कि अब पेटीएम फास्टैग मान्य नहीं है. एजेंसी ने 19 जनवरी 2024 को पेटीएम पेमेंट बैंक को यूजर्स को नए फास्टैग जारी करने पर रोक लगा दी थी. इससे पहले रिजर्व बैंक ने 29 फरवरी से यूजर्स को पेटीएम वॉलेट और फास्टैग में पैसे डालने पर रोक लगा दी थी. हालांकि, उसने कहा था कि पेटीएम फास्टैग तब तक काम करता रहेगा, जब तक यूजर्स के अकाउंट में बैलेंस रहेगा. एनएचएआई के अनुसार, पेटीएम फास्टैग की भारत भर में आठ करोड़ से अधिक यूजर्स के साथ लगभग 30 फीसदी बाजार हिस्सेदारी है.

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कैसे काम करता है फास्टैग

बताते चलें कि भारत में इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से फास्टैग प्रणाली का संचालन किया जाता है. यूजर्स रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) तकनीक के माध्यम से लिस्टेड बैंक के खातों से सीधे फास्टैग को लिंक करने के बाद टोल टैक्स का भुगतान करते हैं. फास्टैग जारी करने वाले एनएचएआई की ओर से अधिकृत बैंकों की लिस्ट में एयरटेल पेमेंट्स बैंक, इलाहाबाद बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, आईडीबीआई बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और यस बैंक जैसे करीब 32 बैंक शामिल हैं.

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नए फास्टैग के लिए कैसे करें आवेदन

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से पेटीएम फास्टैग पर रोक लगाए जाने के बाद यूजर्स अपनी गाड़ी के लिए नए फास्टैग के लिए ऑनलाइन बैंकिंग सिस्टम के जरिए आवेदन करके लिस्टेट दूसरे बैंक से जुड़ सकते हैं. उनके पास 32 दूसरे बैंकों से जुड़ने के लिए सुविधा मौजूद है. इनमें से लगभग सभी बैंक ग्राहकों को ऑनलाइन फास्टैग खरीदने की अनुमति देते हैं. यह जानना भी बेहद जरूरी है कि यूजर्स पेटीएम फास्टैग या किसी भी दूसरे बैंक के फास्टैग एक बैंक से दूसरे बैंक में पोर्ट नहीं कर सकते. ऐसी स्थिति में यूजर्स को ऑनलाइन आवेदन करने के बाद नए सिरे से अधिकृत बैंकों से नया फास्टैग खरीदना होगा.

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लेखक के बारे में

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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