Corona Kavach App: भारत सरकार का यह ऐप बताएगा कोरोना से कितने सेफ हैं आप

CoVID 19 Tracking Corona Kavach App Launched in India: भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और इलेक्ट्रॉनिक व सूचना प्रोद्योगिकी मंत्रालय की ओर से मिलकर कोरोना वायरस (COVID-19) ट्रैकर ऐप 'कोरोना कवच ऐप' (corona kavach app) लॉन्च किया गया है.

CoVID 19 Tracking Corona Kavach App Launched in India: देश में हर दिन बढ़ते कोरोना वायरस संक्रमण (coronavirus infection) के मामलों को देखते हुए इस पर रोक लगाने के लिए भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और इलेक्ट्रॉनिक व सूचना प्रोद्योगिकी मंत्रालय की ओर से मिलकर कोरोना वायरस (COVID-19) ट्रैकर ऐप ‘कोरोना कवच ऐप’ (corona kavach app) लॉन्च किया गया है.

इस ऐप की मदद से कोरोना के पॉजिटिव मरीजों के बारे में आसानी से पता लगाया जा सकता है. इस ऐप की खासियत यह है कि अगर आपके आसपास कोई भी कोरोना पॉजिटिव केस होगा, तो यह आपको अलर्ट कर देगा. इस ऐप को आप गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं. इस समय यह ऐप बीटा वर्जन में डाउनलोड किया जा सकता है.

अलर्ट और डेटा एनालिसिस

जनता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस ऐप को बनाया गया है. इसकी मदद से आप कोरोना वायरस के प्रकोप और वायरस की के बारे में पता लगा सकते हैं. इसके साथ ही, आप डेटा का एनालिसिस और देश में मौजूदा कोरोना के मामलों के बारे में भी जानकारी हासिल कर सकते हैं. ऐप में अतिरिक्त फीचर्स भी जोड़े गए हैं जिनमें व्यक्ति की सांस लेने की क्षमता और अपने आप को सेल्फ चेक रखना शामिल है.

कोविड ट्रैक कर भेजेगा अलर्ट

कोविड-19 की जानकारी देने के लिए डिजाइन किया गया यह ऐप यूजर के डेटा को हर घंटे ट्रैक कर सकता है. अगर आप किसी भी कोरोना से संक्रमित मरीज के पास से गुजरते हैं तो ट्रकिंग के जरिये यह आपको अलर्ट करता है. ऐप में यूजर को अपने फोन नंबर का इस्तेमाल करके साइन इन करना होता है और उसके जीपीएस को उसकी मूवमेंट को ट्रैक किया जाता है.

प्राइवेसी का भी खास ख्याल

इस ऐप में मौजूद यूजर की निजी जानकारी को किसी भी दूसरे व्यक्ति के साथ शेयर नहीं किया जाएगा, यानी ये पूरी तरह से सुरक्षित है. ऐप के ऑफिशल डिस्क्रिप्शन में लिखा गया है कि ऐप का मकसद यूजर्स को नोवल कोरोना वायरस के बारे में जानकारी देना और डेटा जुटाना है. कोरोना कवच ऐप अभी केवल एंड्रॉयड यूजर्स के लिए उपलब्ध है.

कलर कोड से होगी पहचान

कोई यूजर कोरोना संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आया है या नहीं, ऐप इस बात का पता लगाने के लिए कलर कोड का इस्तेमाल करता है. जहां एक कलर उस यूजर की पहचान करता है जो कभी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में नहीं आया, वहीं दूसरा इस बात की ओर संकेत करता है कि वह उसके नजदीक है. इसके लिए ऐप देश में सभी सकारात्मक पाये गये मामलों की जानकारी का इस्तेमाल करता है.

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लेखक के बारे में

Author: Rajeev Kumar

Published by: Prabhat Khabar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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