केरल में मोटर व्हीकल्स डिपार्टमेंट (MVD) ने वाहन मालिकों को सख्त चेतावनी दी है. हाल ही में कोट्टायम की मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण ने एक कार मालिक और उसके बेटे को ₹42 लाख का मुआवजा देने का आदेश दिया. यह मामला दिखाता है कि बीमा की अवधि खत्म होते ही, यहां तक कि कुछ घंटों के लिए भी, वाहन चलाना कितना जोखिम भरा हो सकता है.
हादसा और कानूनी जिम्मेदारी
मातृभूमि डॉट कॉम की रिपोर्ट के अनुसार, 27 मार्च 2023 को राष्ट्रीय राजमार्ग 183 पर एक कार और बाइक की टक्कर हुई. बाइक चला रहे 19 वर्षीय आनंदु के. वेणु की मौके पर गंभीर चोटों के कारण मौत हो गई. कार मालिक का बेटा नबील बशीर गाड़ी चला रहा था. दुर्भाग्य से, कार का बीमा उसी दिन आधी रात तक ही वैध था और हादसा शाम को हुआ.
अदालत का फैसला
कोट्टायम की अतिरिक्त मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण ने साफ कहा कि बीमा खत्म होने के बाद वाहन मालिक और चालक सीधे जिम्मेदार होंगे. अदालत ने आदेश दिया कि कार मालिक और उसके बेटे को मिलकर मृतक के परिवार को ₹42 लाख का मुआवजा देना होगा.
कानून क्या कहता है
मोटर व्हीकल्स एक्ट 1988 की धारा 146 और 196 के अनुसार, बिना बीमा गाड़ी चलाने पर तीन महीने की जेल, ₹2,000 जुर्माना या दोनों सजा हो सकती है. तीसरे पक्ष का बीमा (Third Party Insurance) हर वाहन के लिए अनिवार्य है ताकि दुर्घटना की स्थिति में भारी भरकम मुआवजे का बोझ सीधे मालिक पर न पड़े.
सबक: बीमा समय पर नवीनीकरण करें
यह मामला सबको याद दिलाता है कि बीमा की तारीख को हल्के में लेना खतरनाक है. सिर्फ कुछ घंटों की लापरवाही भी लाखों रुपये की जिम्मेदारी में बदल सकती है. वाहन मालिकों को चाहिए कि बीमा की वैधता समय से जांचें और नवीनीकरण में देरी न करें.
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