भारत का ऑटो सेक्टर जनवरी 2026 में एक बार फिर रफ्तार पकड़ता दिखा. लंबे समय तक नए मॉडल्स की कमी से जूझने के बाद अब बाजार में ताजगी लौट आई है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट पेश करने से ठीक पहले कंपनियों ने बिक्री के आंकड़े जारी किए, जिनमें साफ दिखा कि जीएसटी कटौती और नई लॉन्चिंग्स ने ग्राहकों का उत्साह बढ़ा दिया है.
नई लॉन्चिंग्स ने बदला माहौल
2024 के अंत से लेकर अगस्त 2025 तक ऑटो सेक्टर में नए मॉडल्स की कमी रही. लेकिन अब हालात बदल चुके हैं. टाटा सिएरा, महिंद्रा 9S और XUV 7XO, अपडेटेड रेनो डस्टर, हुंडई वेन्यू और मारुति विक्टोरिस जैसी गाड़ियां बाजार में आते ही चर्चा का विषय बन गईं. इन मॉडलों ने त्योहारों जैसी बुकिंग्स हासिल कीं और ग्राहकों की भीड़ शोरूम तक खींच लाई.
टाटा और मारुति की जोरदार शुरुआत
टाटा सिएरा और मारुति विक्टोरिस ने लगभग 75,000 बुकिंग्स दर्ज कीं. वहीं महिंद्रा ने 9S और XUV7XO के लिए 93,000 से ज्यादा बुकिंग्स हासिल कर सबको चौंका दिया. मारुति ने जनवरी में ही करीब 35,000 विक्टोरिस डिलीवर कर दिए. टाटा मोटर्स को सिएरा की सफलता से 27% सालाना ग्रोथ मिलने का अनुमान है, जो इसे प्रतिस्पर्धियों से आगे ले जा सकता है.
टू-व्हीलर सेगमेंट में नई जान
पिछले कुछ सालों से एंट्री-लेवल टू-व्हीलर की मांग कमजोर रही थी. लेकिन जीएसटी दरों में कटौती के बाद जनवरी में इस सेगमेंट ने जोरदार वापसी की. हीरो मोटोकॉर्प सबसे बड़ा लाभार्थी बनकर उभरा है. यह सुधार अब लंबे समय तक टिकने वाला माना जा रहा है, जिससे पूरे उद्योग को मजबूती मिलेगी.
आगे की तस्वीर
जनवरी के आंकड़े बताते हैं कि भारतीय ऑटो सेक्टर में मांग लौट आई है. नई लॉन्चिंग्स और टैक्स राहत ने कंपनियों को नई ऊर्जा दी है. आने वाले महीनों में बजट 2026 के असर और नई कारों की डिलीवरी से बिक्री और भी तेज होने की उम्मीद है.
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