Hyundai ने भारत में पूरे किए 30 साल, अब 45,000 करोड़ निवेश के साथ EV और नए मॉडल्स पर दांव

Hyundai ने भारत में 30 साल पूरे होने पर 45,000 करोड़ निवेश की योजना बताई है. कंपनी 2030 तक 26 नए मॉडल लॉन्च करेगी और EV सेगमेंट में अपनी पकड़ मजबूत करने पर जोर दे रही है.

भारतीय ऑटो बाजार में तीन दशक पूरे करने के साथ Hyundai Motor India Limited ने अपने अगले बड़े प्लान का संकेत दे दिया है. 1996 में शुरू हुई कंपनी आज भारत में मजबूत पहचान बना चुकी है और अब इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, नई टेक्नोलॉजी और भविष्य की मोबिलिटी पर फोकस बढ़ाने जा रही है. कंपनी ने साफ कर दिया है कि आने वाले सालों में उसका दांव सिर्फ बिक्री बढ़ाने पर नहीं, बल्कि पूरे मोबिलिटी इकोसिस्टम को बदलने पर होगा.

30 साल का सफर, भरोसे और ग्रोथ की कहानी

Hyundai ने भारत में अपनी शुरुआत 6 मई 1996 को की थी. तब से लेकर अब तक कंपनी ने करीब 40,700 करोड़ रुपये का निवेश किया है.

इन 30 सालों में कंपनी ने कुल 1.35 करोड़ से ज्यादा गाड़ियां बेची हैं. इसमें से करीब 96 लाख यूनिट भारत में बिके, जबकि 39 लाख गाड़ियां विदेशों में एक्सपोर्ट की गईं.

भारत अब Hyundai के लिए सिर्फ एक मार्केट नहीं, बल्कि ग्लोबल एक्सपोर्ट हब बन चुका है.

अब 45,000 करोड़ का नया निवेश, क्या है प्लान?

कंपनी ने अगले पांच सालों में 45,000 करोड़ रुपये के बड़े निवेश का ऐलान किया है.

यह पैसा मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को मजबूत करने और नई टेक्नोलॉजी पर खर्च किया जाएगा.

Hyundai का लक्ष्य है कि 2030 तक भारत में 26 नए प्रोडक्ट लॉन्च किए जाएं, जिससे कंपनी अपनी पकड़ और मजबूत कर सके.

EV और फ्यूचर मोबिलिटी पर फोकस

ऑटो इंडस्ट्री तेजी से इलेक्ट्रिक की ओर बढ़ रही है और Hyundai भी इस बदलाव में पीछे नहीं रहना चाहती.

कंपनी आने वाले समय में इलेक्ट्रिक गाड़ियों और सस्टेनेबल मोबिलिटी सॉल्यूशंस पर ज्यादा ध्यान देने वाली है.

इसका मकसद सिर्फ नई गाड़ियां लॉन्च करना नहीं, बल्कि पूरे ट्रांसपोर्ट सिस्टम को ज्यादा स्मार्ट और इको-फ्रेंडली बनाना है.

भारत बनेगा बड़ा मैन्युफैक्चरिंग हब

Hyundai के पास फिलहाल चेन्नई और पुणे में दो बड़े प्लांट हैं.

कंपनी 2028 तक अपनी सालाना उत्पादन क्षमता बढ़ाकर 10.74 लाख यूनिट तक ले जाना चाहती है.

इससे भारत में न सिर्फ उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि एक्सपोर्ट भी तेजी से बढ़ सकता है.

आगे क्या संकेत देता है यह कदम?

Hyundai का यह बड़ा निवेश दिखाता है कि कंपनी भारत को लंबे समय तक अपने सबसे अहम बाजारों में गिनती है.

इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, नई टेक्नोलॉजी और लोकल मैन्युफैक्चरिंग पर जोर आने वाले समय में भारतीय ऑटो इंडस्ट्री को नई दिशा दे सकता है.

यह कदम बाकी कंपनियों के लिए भी एक संकेत है कि भविष्य की रेस अब EV और इनोवेशन पर ही टिकेगी.

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By Rajeev Kumar

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