Smart Lock Screen के साथ इंटरनेट एक्सपीरिएंस बदल रहा Glance, फोन अनलॉक या डाउनलोड के बिना देगा गेमिंग का मजा

ग्लांस स्मार्ट लॉक स्क्रीन को डेवलप करने वाली ग्लांस कंपनी एक अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक मूल्य की फर्म है और इसे गूगल, जियो प्लैटफॉर्म्स और मिथ्रिल कैपिटल जैसे वैश्विक आईटी दिग्गज निवेशकों का सपोर्ट मिला हुआ है. कंपनी की बेंगलुरु यूनिट ने इस बेहतरीन प्लैटफॉर्म को विकसित किया है.

Glance Smart Lock Screen – आजकल लोगों विशेष रूप से नयी पीढ़ी की पसंदीदा मोबाइल फोन एक्टिविटी गेमिंग बन चुकी है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि अपने स्मार्टफोन को बिना अनलॉक किये एक से बढ़कर एक बेहतरीन गेम खेल सकते हैं? इस असंभव काम को संभव बनाया है बेंगलुरु स्थित भारतीय यूनिकॉर्न स्टार्टअप और दुनिया की पहली स्मार्ट लॉक स्क्रीन ग्लांस (Glance) ने.

आगे बढ़ने से पहले ग्लांस के बारे में जानना काफी जरूरी है. ग्लांस स्मार्ट लॉक स्क्रीन को डेवलप करने वाली ग्लांस कंपनी एक अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक मूल्य की फर्म है और इसे गूगल, जियो प्लैटफॉर्म्स और मिथ्रिल कैपिटल जैसे वैश्विक आईटी दिग्गज निवेशकों का सपोर्ट मिला हुआ है. कंपनी की बेंगलुरु यूनिट ने इस बेहतरीन प्लैटफॉर्म को विकसित किया है और कहा जाता है कि यह दुनिया में अपनी तरह का इकलौता प्लैटफॉर्म है. 23 करोड़ से अधिक यूजर्स वाला यह प्लैटफॉर्म केवल चार सालों में दुनिया के सबसे बड़े प्लैटफॉर्म्स में से एक बन कर सामने आया है.

ग्लांस लॉक स्क्रीन के अलावा, कंपनी कई अन्य प्रमुख कंटेंट प्लैटफाॅर्म्स की भी मालिक है. इसमें रोपोसो नाम का एक लाइव एंटरटेनमेंट प्लैटफॉर्म है. जबकि दूसरी प्रमुख इकाई नोस्ट्रा है, जिसे भारत और दक्षिण पूर्व एशिया का सबसे बड़ा गेमिंग प्लैटफॉर्म कहा जाता है.

ग्लांस लॉक स्क्रीन पर गेमिंग का मजा नोस्ट्रा के जरिये मिलता है और 7.50 करोड़ से भी अधिक यूजर्स रोजाना नोस्ट्रा का इस्तेमाल सैकड़ों गेम ढूंढने और खेलने के लिए करते हैं. नोस्ट्रा में यूजर्स को शतरंज, सुडोकू, पिंग पॉन्ग, कैरम और वर्ड गेम्स सहित यूजर्स की पसंद के हिसाब से चुनने के लिए 500 से अधिक गेम्स टाइटल मौजूद हैं. इसके अलावा, इसमें शानदार लाइव गेम स्ट्रीमिंग भी होती है. कंपनी की वेबसाइट पर दी गई जानकारी की मानें, तो नोस्ट्रा पर प्रतिदिन करीब 50 लाइव प्रसारण होते हैं, जिसकी दर्शकों की मासिक संख्या 2.50 करोड़ है. सभी गेमर्स को यह अच्छी तरह पता है कि इन दिनों गेम स्ट्रीमिंग काफी पॉपुलर हो गई है और सभी प्रमुख स्ट्रीमिंग टूर्नामेंट जैसे वेलोरेंट, फ्री फायर मैक्स और पोकेमॉन को ग्लांस लॉक स्क्रीन पर स्ट्रीम किया गया है. इसमें कोई आश्चर्य नहीं करना चाहिए कि रोजाना यूजर्स औसतन 15 मिनट का वक्त Glance पर गेम खेलने में व्यतीत करते हैं.

इस अनोखे फीचर के अलावा कि आपको गेम खेलने के लिए स्मार्टफोन को अनलॉक करने की जरूरत नहीं है, लॉक स्क्रीन पर गेमिंग से आपके काफी समय, मोबाइल के स्टोरेज स्पेस और डेटा की भी बचत होती है. यह एआई-पावर्ड डिस्कवरी इंजन से लैस है, जिसका मतलब है कि सिस्टम खुद ब खुद दिलचस्पी और इंटरैक्शन के मुताबिक नये विकल्प पेश करता है और इन्हें यूजर की लॉक स्क्रीन पर भेज देता है. ऐसे में यूजर्स को यह पता लगाने के लिए ना तो लगातार कुछ भी खोजने या बेवजह स्क्रॉल करने की जरूरत नहीं पड़ती. इसके अलावा, सभी गेम सीधे लॉक स्क्रीन से खेले जाने के विकल्प के चलते यूजर्स को इन्हें खेलने के लिए कभी भी कोई ऐप डाउनलोड नहीं करना पड़ता है.

गेमिंग के अलावा, ग्लांस अपने यूजर्स को हिंदी, तमिल, तेलुगू, मराठी, बंगाली और कन्नड़ सहित दुनिया भर की 11 भाषाओं में कंटेंट लॉक स्क्रीन पर ही उपलब्ध करा देता है. जैसे, लाइव एंटरटेनमेंट को ही लें, जिसमें यूजर बिना किसी देरी के अपने पसंदीदा सितारों और क्रिएटर्स के साथ बातचीत कर सकते हैं या लाइव शॉपिंग कर सकते हैं और देश के अधिकांश बड़े पब्लिशर्स से ट्रेंडिंग कंटेंट को भी पा सकते हैं. ग्लांस पर उपलब्ध कंटेंट लगातार लेटेस्ट और रोमांचक होता है और इसकी वजह रोपोसो है, जो 500 से अधिक लाइव स्ट्रीमर्स को जोड़े रखता है. यह कंपनी को विभिन्न वर्गों में टॉप लेवल के क्रिएटर्स द्वारा सबसे बेहतरीन लाइव कंटेंट के साथ लगातार अपडेट करने में सक्षम बनाता है जिसमें संगीत, फैशन, स्वास्थ्य, खाना पकाने समेत बहुत कुछ शामिल है.

इसका सीधा और आसान मतलब है कि Glance के साथ, आप बिना खोजे, स्क्रॉल किये, डाउनलोड किये या यहां तक ​​कि अनलॉक किये बिना अपनी लॉक स्क्रीन पर इंटरनेट का भरपूर मजा उठा सकते हैं!

हालांकि, यहां सबसे ज्यादा ध्यान देने वाली जरूरी बात यह है कि ग्लांस कोई मोबाइल ऐप नहीं है. दरअसल, यह एक फोन का इनबिल्ट फीचर है और फोन के ऑपरेटिंग सिस्टम में ही इसे जोड़ा गया है. इसलिए, दुनिया को अपना दीवाना बनाने वाले इस प्लैटफॉर्म का उपयोग करने के लिए यूजर्स को एक ग्लांस एनेबल्ड स्मार्टफोन रखने की आवश्यकता होगी. ज्यादातर प्रमुख घरेलू एंड्रॉयड स्मार्टफोन ब्रांड जैसे सैमसंग, शाओमी, रियलमी आदि ने अपने कई मॉडलों में इसे जोड़ा हुआ है.

ग्लांस के तेजी से बढ़ने का राज एक यूजर से दूसरे यूजर तक इसकी जानकारी पहुंचाना है. एक मशहूर कंपनी के सीनियर एग्जीक्यूटिव अनिल कुमार (बदला हुआ नाम) ने बताया, मेरी कंपनी में मोबाइल जैमर लगे हुए हैं और हम ऑफिस में पहुंचने के बाद दुनिया से कट जाते हैं. ना कोई फोन कॉल, ना मैसेज, ना कोई सोशल मीडिया और ना ही गेमिंग. अगर किसी के घर से कोई फोन कॉल आनी है, तो वो रिसेप्शन पर आयेगी और कर्मचारी वहां जाकर बात कर सकता है. हालांकि, कंपनी सभी को अपना मोबाइल अपने पास रखने की इजाजत देती है. दिसंबर 2022 में ज्वाइन करने के पहले कुछ महीने तो काफी परेशानी रही, फिर एक दिन लंच में एक साथी ने मेरी टेंशन सुनने के बाद मुझसे मेरा मोबाइल मांगा और कहा- टेंशन क्यों ले रहे हो… ग्लांस लॉक स्क्रीन है ना. करो पूरी मौज. मैं उसकी बात नहीं समझा और उससे पूछा कि मतलब. उसने कहा भाई जब ग्लांस लॉक स्क्रीन है तब काहे की चिंता और उसमें मुझे ग्लांस लॉक स्क्रीन के फीचर्स बता दिये. बस उस दिन से लंच या फ्री टाइम में ग्लांस इज माई बेस्ट फ्रेंड.

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लेखक के बारे में

Author: Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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