आरएसएस का असली चेहरा सामने आया : देवकुमार धानफोटो सुनील- चुनाव में किया इस्तेमाल, अब बना रहे बलि का बकरा : महासभा- आदिवासियों को हिंदू बताने का विरोध, पुतला फूंकासंवाददाता रांची आदिवासी सरना महासभा ने आदिवासियों को हिंदू बताने के खिलाफ आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत व सह सरकार्यवाह डॉ कृष्णगोपाल का पुतला फूंका़ इस मौके पर पूर्व विधायक देवकुमार धान ने कहा कि आरएसएस ने चुनाव जीतने के लिए मुसलमानाें व ईसाइयों के खिलाफ सरना आदिवासियों का इस्तेमाल किया, पर अब उन्हें बलि का बकरा बना रहा है़ आरएसएस का असली चेहरा आदिवासियों के सामने आ गया है़ आरएसएस आदिवासियों के अलग धर्म कोड के खिलाफ इसलिए है क्योंकि ऐसा करने से उसके हिंदू राष्ट्र के सपने को धक्का पहुंचेगा़ देश में आदिवासियों की संख्या 12 करोड़ से भी अधिक है़ उनके सपनों को तोड़ना घातक होगा़ वीरेंद्र भगत ने कहा कि यह देश धर्मनिरपेक्ष है, जिसमें सभी को अपना धर्म मानने की आजादी है़ सिख, जैन, बौध, सभी काे धर्म कोड मिला है, तो प्रकृतिपूजक आदिवासियों को क्यों नहीं? शिवा कच्छप ने कहा कि हिंदुओं व सरना आदिवासियों के रीति- रिवाज बिलकुल अलग है़ं आरएसएस बताये कि हिंदू वर्ण व्यवस्था में आदिवासियों को कहां रखा गया है? एक साजिश के तहत देश के 12 करोड़ आदिवासियों का अस्तित्व समाप्त करने की कोशिशें हाे रही है़ं इस मौके पर बबूल उरांव, नारायण उरांव, पुन्ना उरांव, अमित उरांव, चारे भगत, गैना कच्छप, रतन चौरिया, बीगल उरांव, रमेश उरांव, कैलाश उरांव, छेदी मुंडा, सुरेंद्र उरांव, बुधवा उरांव, पुनई उरांव संजय उरांव व अन्य मौजूद थे़
आरएसएस का असली चेहरा सामने आया : देवकुमार धान
आरएसएस का असली चेहरा सामने आया : देवकुमार धानफोटो सुनील- चुनाव में किया इस्तेमाल, अब बना रहे बलि का बकरा : महासभा- आदिवासियों को हिंदू बताने का विरोध, पुतला फूंकासंवाददाता रांची आदिवासी सरना महासभा ने आदिवासियों को हिंदू बताने के खिलाफ आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत व सह सरकार्यवाह डॉ कृष्णगोपाल का पुतला फूंका़ इस मौके […]
