कोलकाता: राज्य के कई इलाकों में आयी बाढ़ के लिए जहां एक ओर राज्य व केंद्र सरकार के बीच एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है, वहीं दूसरी ओर सेना इस स्थिति का मुकाबला करने के लिए मैदान में उतर पड़ी है. सेना के जवान पिछले दो दिनों से पूर्व मेदिनीपुर जिले में कंग्शावती नदी के तटबंध में आयी दरार की मरम्मत के काम में जुटे हुए हैं.
पूर्वी कमान के जीओसी-इन-सी लेफ्टिनेंट जनरल दलबीर सिंह ने गुरुवार को कंग्शावती नदी के तटबंध में हुई टूट एवं बैरकपुर छावनी के जवानों द्वारा किये जा रहे मरम्मत कार्य का हवाई सर्वेक्षण किया. लेफ्टिनेंट जनरल सिंह के साथ इस्टर्न एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग (एडवांस हेडक्वार्टर) एयर वाइस मार्शल एचजे वालिया भी थे.
यह सभी बैरकपुर एयरबेस से आइएएफ एमआइ-17 वी5 हेलिकॉप्टर के द्वारा यहां पहुंचे थे. भारी बारिश के कारण कंग्शावती नदी के तटबंध में पड़ी दरार के कारण पूर्वी मेदिनीपुर जिले के कई इलाकों में नदी का पानी प्रवेश कर जाने के कारण बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गयी है. स्थिति से निबटने के लिए राज्य के मुख्य सचिव ने सेना से मदद की गुहार लगायी थी. राज्य सरकार के आवेदन को मंजूर करते हुए सेना ने बुधवार को अपने जवानों को बांध की मरम्मत के लिए भेज दिया.
पानी का बहाव काफी तेज होने के कारण बांध की मरम्मत का काम बेहद कठिनाई भरा था, पर सेना की बैरकपुर छावनी के इन जवानों ने दिन-रात मेहनत कर बांध की मरम्मत की. अतिरिक्त मदद के लिए सेना के सुकना छावनी से भी जवानों को भेजा गया था, जो अपने साथ राहत व बचाव अभियान में सहायता के लिए बोट भी ले कर गये हैं.
