मुजफ्फरपुर : बाइकर्स गैंग ने शनिवार की रात करीब आठ बजे मिठनपुरा में शिक्षिका को शिकार बनाया. वह अपने पति व दो बच्चों के साथ बाइक से आ रही थी. घर से कुछ दूरी पर ही दो युवकों ने गाड़ी रोककर पर्स लूट लिया.
उसमें करीब 25 ग्राम सोने की चेन, आठ हजार रुपये नकद व मोबाइल रखा था. घटना की जानकारी होने के बाद मौके पर पहुंचकर पुलिस ने पीड़िता व उसके पति से घटना के बारे में पूछताछ की.
मुशहरी थाना क्षेत्र के डुमरी निवासी मुकेश कुमार बुधनगर में शिक्षक है, जबकि उनकी पत्नी कविता कुमारी मणिका हरिकेश में शिक्षिका है. दोनों मिठनपुरा के 52 बीघा 4 सी में किराए के मकान में रहते हैं. शनिवार को गांव पर पूजा थी, जिसमें शामिल होकर मुकेश व कविता बाइक से वापस लौट रहे थे.
रात करीब आठ बजे घर से कुछ दूरी पर स्थित मोड़ के पास जैसे ही पहुंचे, बाइक से ओवरटेक करते हुए दो युवकों ने रोक लिया. मुकेश के बाइक धीरे करते ही एक युवक ने कविता के हाथ से बैग लूट लिया. अचानक हुई घटना से शिक्षक दंपत्ति सन्न रह गए. शोरगुल मचाने लगे तो आस-पास के लोग जुटे, लेकिन इतनी देर में बाइक सवार बदमाश दूर निकल चुके थे.
मुकेश ने इसकी सूचना तत्काल मिठनपुरा पुलिस को दी, जिसके कुछ देर बाद ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छानबीन भी शुरू कर दी. मुकेश ने बताया कि बदमाश काले रंग की पल्सर (220) से थे. पर्स लूटने के बाद वे सीधे निकल गये.
सावधानी बरती, फिर भी हो गयी घटना
कहा जाता है कि सावधानी नहीं बरतने पर हादसे होते हैं, लेकिन कविता के साथ ठीक इसके उलटा हुआ. दिन भर घर पर पूजा में व्यस्त रही. शाम को वापस लौटने में देर हो गयी. घर से लौटते समय अंधेरा हो गया तो उसने लूट-छिनैती की आशंका को देखते हुए सोने की चेन गले से निकालकर पर्स में रख लिया था.
हाल के दिनों में बढ़ी घटनाओं का उसे आभास था, जिसके चलते किसी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहती थी. गले में मंगलसूत्र व कान में सोने की बाली थी, लेकिन चेन कीमती होने के कारण वह डर गयी थी. बाइक सवार बदमाशों ने उसे निशाना बनाया तो पर्स ही लेकर भागे, जबकि कान व गले के जेवर पर हाथ भी नहीं डाला.
क्या गांव से पीछे लगे थे लुटेरे ?
महिला शिक्षिका के साथ छिनैती की घटना से साफ लगता है कि लुटेरे उसके पीछे गांव से लगे थे, वो जानते थे कि कीमती जेवर कविता ने पर्स में रखे हैं. इसीलिए उन्होंने कविता से मंगलसूत्र व कान की बाली उतराने को नहीं कहा. उन्होंने बाइक रुकते ही उसकी पर्स छीनी और मौके से चलते बने. पर्स में ही कविता ने सोने की चेन रखी थी.
