पारा 42 के पार, जैविक उद्यान में गरमी से जानवरों को बचाने की व्यापक व्यवस्था

बोकारो : सफेद बाघ कूलर की ठंडी हवा का लुत्फ उठा रहा है. हिरणों का झुंड टंकी में जमा पानी से प्यास बुझा रहा है. भालू अपने बच्चों के साथ स्वीमिंग पुल में खेल रहा है. चिलचिलाती धूप से बचने के लिए तेंदुआ पेड़ की छांव में आराम कर रहा है. गरमी का कहर चरम […]

बोकारो : सफेद बाघ कूलर की ठंडी हवा का लुत्फ उठा रहा है. हिरणों का झुंड टंकी में जमा पानी से प्यास बुझा रहा है. भालू अपने बच्चों के साथ स्वीमिंग पुल में खेल रहा है. चिलचिलाती धूप से बचने के लिए तेंदुआ पेड़ की छांव में आराम कर रहा है. गरमी का कहर चरम पर है.
उमस भरी गरमी से आदमी तो आदमी जानवर भी बेहाल है. पारा 40 के पार चला गया है. लोग गरमी से बचने के लिए तरह-तरह के जतन कर रहे हैं. उधर, सेक्टर 4 स्थित जैविक उद्यान में भी जानवरों को गरमी से बचाने के लिए कई तरह की व्यवस्था की गयी है.
जानवरों में टाइगर व बंदर को सबसे अधिक लू लगने का चांस होता है.
लू लगने पर इनके बचने की संभावना कम हो जाती है. इसलिए गरमी के दिनों में इनको लू से बचाने के लिए विशेष व्यवस्था की जाती है. नारियल के पत्ते से शेड, फव्वारा, पानी वाला भोजन, टैंकर से पानी की व्यवस्था की गयी है. जानवरों के कमरे को धोया जा रहा है, ताकि उनका आशियाना ठंडा रहे.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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