बड़हरिया : प्रखंड के गौसीहाता गांव में आवारा कुत्तों के आतंक से ग्रामीण दहशतजदा हैं. विदित हो कि गत चार माह से दर्जनों ग्रामीण आवारा कुत्तों के आतंक का शिकार चुके हैं. जिनमें दो लोग अपनी जान भी गंवा चुके हैं. वहीं दर्जनभर लोग आज भी इसकी पीड़ा झेल रहे हैं.
वहीं बुधवार को लकड़ी दरगाह के भोला महतो के पोते राकेश कुमार को बुधवार को आवारा कुत्तों ने हमला बोल कर उसे बुरी तरह घायल कर दिया. इस घटना से नाराज लोगों ने प्रदर्शन करते हुए प्रशासन व सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. उल्लेखनीय है कि एक मार्च को गौसीहाता गांव के कंहैया साह की 38 वर्षीया पत्नी कुम्मा देवी को आवारा कुत्तों ने नोच-नोच कर मार डाला था.
वह गांव से बाहर खेत में घास काटने के लिए गयी थी. वहीं 21 दिसंबर को आवारा कुत्तों ने गौसीहाता के मतीउर रहमान की छह वर्षीया बेटी नाजिया खातून को उस वक्त नोच-नोच कर मार डाला, जब वह शौच करने गांव से बाहर गयी थी.
विदित हो कि ये आवारा कुत्ते किसी को अकेला पाते ही नोच खाने का प्रयास करते हैं. इस वजह से ग्रामीण शौच करने या खेतों में काम करने या खेतों की निगरानी के लिए घरों सेे अकेले बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पाते हैं. अब तो ग्रामीणों ने विद्यालयों में अपने बच्चों को भेजना बंद कर दिया है.
यहां के ग्रामीण सत्यनारायण महतो, तैयब अंसारी, बच्चा साह, छबीला भगत, इश्हाक अंसारी सहित दर्जनों अभिभावकों ने बताया कि इन आवारा कुत्तों के आतंक से वे बच्चों को विद्यालय जाने नहीं देते हैं व नहीं बाहर अकेले में खेलने जाने देते हैं. ग्रामीण खेतों मे काम करने अकेले नहीं जा रहे हैं. जाते भी हैं तो लाठी डंडे से लैस हो कर जाते हैं.
ग्रामीणों के अनुसार बुधवार को लकड़ी दरगाह निवासी भोला महतो के पौत्र राकेश कुमार (14 वर्ष) शौच के लिए कोहंगर चंवर में गया था तो छात्र पर आवारा कुत्तों ने हमला बोल दिया. इससे छात्र बुरी तरह घायल हो गया. घायल छात्र को उपचार हेतु सदर अस्पताल सीवान लाया गया. अस्पताल में कुत्ता काटने का इंजेक्शन उपलब्ध नहीं होने के कारण परिजनों ने आक्रोश जताया.
ग्रामीणों में वन विभाग व प्रशासन के प्रति आक्रोश व्याप्त है. गौसीहाता के रुकसार अहमद, धर्मेंद्र कुमार साह, आलम अहमद, शराफत अली, रवि प्रसाद, अनिल कुमार, करीमन, भोलेनाथ सहित दर्जनों ग्रामीणों ने वन विभाग एवं प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की व इन आवारा कुत्तों से सुरक्षा की मांग की है.
