पटना : निगम क्षेत्र की जनता कभी जलजमाव, तो कभी पीने के पानी की समस्या से परेशान है. साथ ही म्यूटेशन और होर्डिंग टैक्स जमा करने को लेकर निगम कार्यालय का चक्कर लगाते रहता है, लेकिन जनता की समस्या कोई नहीं सुनता. अब मेयर सीता साहू रोजाना जनता की समस्या सुनेंगी.
रविवार को मेयर सीता साहू ने अपने दो महीने के कार्यकाल की रिपोर्ट देते हुए कहा कि निगम क्षेत्र की जनता को किसी प्रकार की समस्या है और अधिकारी नहीं सुनते है, तो हर दिन अपनी समस्या को लेकर निगम कार्यालय में मिल सकते है. उन्होंने कहा कि किसी को आने में परेशानी है, तो पत्राचार और इ-मेल sitasahu1958@gmail.com भी कर सकते हैं.
नाला उड़ाही में किये खर्च की होगी जांच : मेयर सीता साहू ने कहा कि साढ़े सात करोड़ रुपये खर्च कर नाले की उड़ाही की गयी, ताकि मॉनसून के दौरान शहर में जलजमाव की समस्या नहीं हो. इसके बावजूद बांकीपुर, पटना सिटी और कंकड़बाग अंचल में भयंकर जलजमाव की समस्या बनी हुई है. अब दोबारा से नाले की उड़ाही की जा रही है. नाला उड़ाही में कैसे और कितनी राशि खर्च की गयी, इसकी निष्पक्ष जांच करायी जायेगी. इसमें दोषी अधिकारी और कर्मियों पर कठोर कार्रवाई की अनुशंसा की जायेगी.
साफ-सफाई को लेकर जिम्मेदारी की गयी तय : मेयर ने बताया कि पदभार ग्रहण करने के बाद लगातार ठोस कचरा प्रबंधन की निगरानी के साथ-साथ जलजमाव वाले इलाके का निरीक्षण कर रहे हैं.
जलजमाव वाले इलाके में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत डीजल पंप लगा कर पानी निकालने का काम चल रहा है. यही वजह है कि रविवार तक रामलखन पथ, मीठापुर बस स्टैंड, संदलपुर आदि इलाकों से पानी निकाला जा सका है. शहर की साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने को लेकर एक-एक अधिकारी व कर्मचारी की जिम्मेवारी तय की जायेगी. मौके पर स्थायी समिति सदस्य पिंकी कुमारी, इंद्रदीप कुमार चंद्रवंशी के अलावा अन्य मौजूद थे.
