हरे-भरे पहाड़ बुलाते हैं, हौले से कानों में कहते हैं- ‘ये हसीन वादियां, ये खुला आसमान’...

Prabhat khabar Digital

कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन लगाया गया है. इसका असर पर्यटन पर भी पड़ा है.

अगर सिलीगुड़ी की बात करें तो यहां से दार्जीलिंग और कई टूरिस्ट डेस्टिनेशन करीब हैं. यहां पर हमेशा सैलानियों की भीड़ लगी रहती थी. इस समय कोरोना के कारण सैलानी नहीं आते हैं.

हरे-भरे पहाड़, हसीन वादियां, सुकून... इन सारी चीजों की कमी दार्जीलिंग में खत्म हो जाती है.

पश्चिम बंगाल और ओड़िशा में आए यास चक्रवात के बाद काफी तबाही का मंजर देखा गया. चक्रवात के साथ हुई बारिश ने पहाड़ी वादियों को रंगीन बना दिया है.

आमतौर पर मार्च से मई तक गर्मियों की छुट्टियों के दौरान टूरिस्ट्स की भीड़भाड़ रहती थी. इस बार कोरोना संकट में सब कुछ मंदा पड़ा है.

इसी बीच रिमझिम फुहारों का मनभावन मौसम शुरू हो चुका है. ऐसे खुशनुमा माहौल में ऐसा कौन शख्स होगा जो अपने घर में सिमट कर बैठना चाहेगा.

बारिश की बूंदे, जहां हर कोई को भीगने के लिए मानो बुला रही है. भीगे मौसम में प्रकृति ने हरियाली की मोहक चादर ओढ़ रखी है.