संसद में महिलाओं के लिए अब नहीं किया जाएगा 'सर' शब्द का प्रयोग, प्रियंका चुतर्वेदी ने जताई थी आपत्ति

Piyush Pandey

शिवसेना नेता और राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने संसद में इस्तेमाल किए जाने वाले सर शब्द को लेकर आपत्ति जताई थी, जिसके बाद राज्यसभा ने एक पत्र जारी किया है. दरअसल, संसद में महिलाओं को संबोधित करने के लिए भी सर शब्द का इस्तेमाल किया जाता है.

प्रियंका चतुर्वेदी | twitter

प्रियंका चतुर्वेदी ने गुुुरुवार को राज्यसभा सचिवालय द्वारा जारी एक पत्र को ट्वीट किया है. पत्र में लिखा है कि सदन में सभी कार्यवाही अध्यक्ष को संबोधित हैं. हालांकि, सभी मंत्रालय को इस संबंध में सूचित किया जाएगा कि आने वाली सत्र में जेंडर न्यूट्रल उत्तर प्रस्तुत करें.

प्रियंका चतुर्वेदी | twitter

प्रियंका चतुर्वेदी ने राज्यसभा से सर शब्द को लेकर आपत्ति जताते हुए कहा था कि संसद में उठाए गए सवालों के जवाब में नहीं सर शब्द का प्रयोग होता है. जिसका मतलब उत्तर नकारात्मक माना जा सकता है. उन्होंने इसे लेकर सुधार करने की अपील की थी.

प्रियंका चतुर्वेदी | twitter

राज्यसभा सचिवाल ने अपने पत्र में कहा है कि इन नियमों को लोकसभा में भी पालन किया जाना चाहिए. बता दें कि लोकसभा सत्र के दौरान भी संसदीय प्रश्नों के उत्तर के दौरान महिलाओं को सर शब्द से सबोधित किया जाता था.

प्रियंका चतुर्वेदी | twitter

शिवसेना नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने राज्यसभा को तर्क देते हुए कहा था कि, देश का संविधान समानता की बात करता है. ऐसे में इन छोटे बदलाव से सदन में महिलाओं को आत्मबल के साथ प्रतिनिधित्व को भी बल मिल सकेगा.

प्रियंका चतुर्वेदी | twitter

प्रियंका चतुर्वेदी ने बुधवार को राज्यसभा के इस फैसले का स्वगत किया. उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा यह छोटा कदम, बड़ा अंतर बताया.

प्रियंका चतुर्वेदी | twitter

प्रियंका चतुर्वेदी ने अपने ट्वीट में लिखा, मंत्रालयों से लेकर महिला सांसदों तक के सवालों के जवाब में संसद में विसंगति को दूर करने के लिए राज्यसभा सचिवालय को धन्यवाद. अब से जवाब मंत्रालयों की ओर से जेंडर न्यूट्रल होंगे.

प्रियंका चतुर्वेदी | twitter