PHOTOS: गंगा में प्रतिमा विसर्जन करने वालों पर होगा केस, तसवीरों में देखें पटना में कैसे तोड़े गये नियम

Prabhat khabar Digital

पटना के लॉ कॉलेज घाट, भद्र घाट, कंगन घाट आदि जगहों पर गंगा में प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया.

प्रशासन के तरफ से पास में ही कृत्रिम तालाब बनाये जाने के बाद भी नदी में प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया.

नदियों में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए यह रोक लगायी गयी थी. इसके बावजूद लोग गंगा में आकर प्रतिमा का विसर्जन करते दिखे.

पटना जिला प्रशासन ने नदियों में दुर्गा प्रतिमा विर्सजन मामले में अब जाकर सख्त रुख अपनाया है.

पटना डीएम ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को प्रशासनिक आदेश की अवहेलना करने वालों पर एफआइआर दर्ज कराने का निर्देश दिया है.

शहरी क्षेत्र में करीब एक दर्जन जगहों पर कृत्रिम तालाब या तालाब में विसर्जन की व्यवस्था की गयी थी.

पटना सदर अनुमंडल में दीघा में तीन जगहों पर कृत्रिम तालाब बनाये गये थे. वहीं एक कृत्रिम तालाब महेंद्रू में बनाया गया था.

माणिकचंद तालाब अनिसाबाद और फुलवारीशरीफ में प्रखंड कार्यालय के पास के तालाब में भी प्रतिमाओं के विसर्जन की व्यवस्था की गयी थी. लेकिन नियमों की अनदेखी की गयी.

पटना सिटी अनुमंडल में छह जगहों पर विसर्जन की व्यवस्था थी.

प्रदूषण रोकने के लिए प्रशासन के द्वारा बनाये गये नियम सरेआम तोड़े गये.

नाव पर देवी दुर्गा की प्रतिमा ले जाया गया. बीच नदी में प्रतिमा को विसर्जित किया गया.

नियमों की अनदेखी की गयी जबकि पटना में गायघाट, लॉ कॉलेज घाट, भद्र घाट, खाजेकलां घाट, कंगन घाट और किला घाट में प्रशासन की ओर से कृत्रिम तालाब बनाये गये थे.

नदियों में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए उनमें मूर्ति विसर्जन पर पूरी तरह से रोक लगायी गयी थी.

नियमों की अनदेखी करके मूर्ति विसर्जन करने वालों पर प्रशासन कार्रवाई करने वाली है.

सवाल यह भी खड़ा हो रहा है कि प्रशासन ने मूर्ति विसर्जन के नियमों का पालन कराने प्रमुख घाटों पर निगरानी क्यों नहीं की.

मुर्ति विसर्जन के दौरान लोगों की संख्या भी तय की गई थी. लाइसेंस में दिये अनुमति के हिसाब से ही लोगों को जुटना था.

Published By: Thakur Shaktilochan