Jharkhand News : झारखंड में IPS अफसर, BCCI से लेकर JPSC के अध्यक्ष रहे अमिताभ चौधरी

Prabhat khabar Digital

झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के अध्यक्ष रह चुके पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ चौधरी का निधन हो गया. वे राजधानी रांची के सेंटेविटा अस्पताल में भर्ती थे. इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स से आईपीएस और फिर बीसीसीआई तक का सफर तय करने वाले अमिताभ चौधरी किसी पहचान के मोहताज नहीं रहे. छह जुलाई 1960 को इनका जन्म हुआ और 16 अगस्त 2022 को इनका निधन हो गया. एक अधिकारी के रूप में लालू प्रसाद यादव के साथ.

अमिताभ चौधरी ने 1984 में आइआइटी खड़गपुर से बीटेक की डिग्री हासिल की थी. इसके बाद 1985 में आईपीएस बने थे. इन्होंने यूपीएससी की परीक्षा में इतिहास और भूगोल विषय को ऑप्शनल पेपर में रखा था. पहले ही प्रयास में इन्होंने परीक्षा पास की थी और आईपीएस श्रेणी में पूरे भारत में द्वितीय स्थान प्राप्त किया था. इन्हें बिहार कैडर मिला था. ये तस्वीर बिग बी अमिताभ बच्चन के साथ की है.

2002 में वह बीसीसीआई के सदस्य बने. इसके बाद साल 2005 में झारखंड के तत्कालीन डिप्टी चीफ मिनिस्टर सुदेश कुमार महतो को हराकर झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (जेएससीए) के अध्यक्ष बने. फिर वर्ष 2005 से 2009 तक क्रिकेट टीम इंडिया के मैनेजर भी रहे. साल 2013 में उन्होंने आईपीएस की नौकरी से वीआरएस ले लिया था. ये तस्वीर सभा को संबोधित करते अमिताभ चौधरी की है.

आईपीएस अधिकारी रहे अमिताभ चौधरी को 1997 में रांची का एसएसपी बनाया गया था. अलग राज्य बनने के बाद अपनी क्षमता, सूझबूझ व बेहतर टीम की बदौलत इन्होंने रांची की जनता के बीच से अपराधियों का खौफ खत्म किया, जिसे लोग आज भी याद करते हैं.

अमिताभ चौधरी का व्यक्तित्व उपलब्धियों से भरा रहा है. वे जमशेदपुर में साल 2000 में एसपी रहे थे. बतौर पुलिस अधिकारी इनकी उपलब्धि की बात करें तो इनके नेतृत्व में कुख्यात अपराधी सुरेंद्र बंगाली और अनिल शर्मा की गिरफ्तारी की गयी थी. उन्होंने एडीजी रैंक के पद से वीआरएस लिया था. रांची के एक स्कूल के कार्यक्रम के दौरान की ये तस्वीर है.

साल 2013 में नौकरी से वीआरएस लेने के बाद राजनीति में कदम रखा. साल 2014 में लोकसभा का चुनाव उन्होंने लड़ा. बाबूलाल मरांडी की पूर्व पार्टी जेवीएम से टिकट मिला था. लेकिन 67 हजार वोट लाकर चौथे स्थान पर रहे. अमिताभ चौधरी को अक्टूबर 2020 में झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) का अध्यक्ष बनाया गया था. ये तस्वीर रांची से बाहर भ्रमण के दौरान की है.