Prabodhini Ekadashi 2021: वाराणसी के घाटों पर उमड़ा आस्था का सैलाब, गंगा स्नान के लिए पहुंचे श्रद्धालु

Prabhat Khabar Digital Desk, Varanasi

Prabodhini Ekadashi 2021: कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी (देव प्रबोधिनी एकादशी) को काशी के घाटों पर आस्था का सैलाब उमड़ा. लोगों ने गंगा स्नान करके एकादशी व्रत को पूर्ण किया.

Prabodhini Ekadashi 2021 | प्रभात खबर

ऐसी मान्यता है कि जो व्यक्ति पूरे वर्ष गंगा स्नान से वंचित रहता है, वो सिर्फ कार्तिक शुक्ल पक्ष एकादशी से पांच दिनों के लिए कार्तिक पूर्णिमा तक गंगा स्नान करता है तो उसे वर्ष भर का पुण्य लाभ मिलता है.

Dev Uthani Vrat 2021 | प्रभात खबर

इस दिन तुलसी विवाह की भी मान्यता है. महिलाएं आज के दिन तुलसी और भगवान विष्णु का विवाह कर ब्राह्मणों को दक्षिणा देती हैं. आज ही के दिन चार महीने बाद भगवान विष्णु शयन से उठते हैं. विष्णु-तुलसी विवाह के बाद से सारे मांगलिक कार्यों की शुरुआत भी शुरू हो जाती है.

Prabodhini Ekadashi Vrat 2021 | प्रभात खबर

काशी में गंगा स्नान का यूं भी अत्यधिक महत्व है. प्रबोधिनी एकादशी के दिन यहां के घाटों खासकर पंचगंगा घाट और दशाश्वमेध घाट पर भक्तों की सबसे ज्यादा भीड़ देखी गई.

Varanasi Prabodhini Ekadashi Photos | प्रभात खबर

गंगोत्री घाट सेवा समिति के पुरोहित अजय तिवारी ने प्रबोधिनी एकादशी को लेकर कहा- आज एकादशी स्नान का बहुत महत्व है. इसे जेठवन एकादशी भी कहते हैं. आज की मान्यता है कि देवता लोग यहां स्वर्ग से आकर स्नान-पूजन और ध्यान करते हैं.

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काशी की महिलाएं घर से बाहर निकलकर स्नान दान करके ऋतु फल का दान करती हैं. गंगा में स्नान के बाद ब्राह्मण को दक्षिणा देती हैं.

प्रबोधिनी एकादशी 2021 | प्रभात खबर

देव प्रबोधिनी एकादशी के दिन तुलसी विवाह की भी परंपरा है. तुलसी विवाह में नए गन्ना की खरीदारी की जाती है. मान्यता है कि तुलसी विवाह के दिन स्वयं भगवान विष्णु तुलसी देवी के पास आकर उनका दर्शन और पूजा-पाठ करते हैं.

जेठवन एकादशी | प्रभात खबर