मोईन अली को ड्रेसिंग रूम के बाहर कम ही मिलती थी तारीफ, संन्यास के बाद जो रूट ने किया बड़ा खुलासा

Prabhat khabar Digital

इंग्लैंड टेस्ट टीम के कप्तान जो रूट ने मोईन अली को टेस्ट क्रिकेट के लिए एक रोल मॉडल बताते हुए कहा कि उनकी प्रतिभा के अनुपात में उनकी काफी कम तारीफ हुई है. इस 34 साल के स्पिन गेंदबाजी ऑलराउंडर ने सोमवार को खेल के सबसे लंबे प्रारूप से संन्यास की घोषणा की.

रूट ने ईएसपीएन क्रिकइंफो डॉट कॉम' से कहा कि सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बिना किसी के कुछ कहे ही यह पता है कि मोईन ने अपने करियर में क्या हासिल किया है.

उन्होंने कहा कि मोईन ने टेस्ट क्रिकेट में कुछ शानदार चीजें की हैं. वह मेरे साथ खेलने वाले महान खिलाड़ियों में से एक रहा है. मुझे उसके साथ ड्रेसिंग रूम साझा कर बहुत अच्छा लगा और हमारे पास मैदान पर तथा मैदान के बाहर की बहुत सारी अद्भुत यादें हैं.

जो रूट | PTI

रूट ने कहा कि वह एक शानदार रोल मॉडल रहे हैं. मुझे वास्तव में उम्मीद है कि टेस्ट क्रिकेट में उसने जो कुछ हासिल किया है, उस नक्शेकदम पर बहुत सारे युवा लड़के और लड़कियां चलना चाहेंगे क्योंकि उन्होंने शानदार चीजें की हैं.

Joe Root | PTI

संयुक्त अरब अमीरात में खेली जा रही इंडियन प्रीमियर लीग में मोईन अली फिलहाल चेन्नई सुपर किंग्स का हिस्सा हैं. मोईन ने 64 टेस्ट में 28.29 की औसत से 2914 रन बनाये है. उन्होंने इस दौरान 195 विकेट भी लिए हैं.

टेस्ट क्रिकेट में 3000 रन और 200 विकेट के करीब होने के बाद भी संन्यास लेने के उनके फैसले ने कई लोगों को चौका दिया. फरवरी में चेन्नई में भारत के खिलाफ आठ विकेट लेने के बावजूद उन्हें दोनों टीमों के बीच हालिया श्रृंखला के पहले तीन टेस्ट मैचों में नहीं चुना गया था.

रूट ने कहा कि मैंने पिछले सप्ताह उनसे बात की है और जिस तरह से वह इन चीजों से निपटा है वह शानदार है. उनके संन्यास लेने से कई अलग-अलग कारणों से टीम के लिए एक बड़ी क्षति होगी. कई बार उनकी कम सराहना की गई है. यह ड्रेसिंग रूम के अंदर नहीं होता था लेकिन बाहर ऐसा होता था. उनकी कमी खलेगी.