लाल किले के प्राचीर से पीएम मोदी ने जो सपना देखा, उसे पूरा करने उतरेंगे महेंद्र सिंह धोनी

Prabhat khabar Digital

रक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) की व्यापक समीक्षा के लिए पूर्व सांसद बैजयंत पांडा की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया है. इस समिति में भारत के पूर्व क्रिकेट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी, सांसद विनय सहस्रबुद्धे और महिंद्रा समूह के अध्यक्ष आनंद महिंद्रा को शामिल किया गया है.

PTI

बता दें कि एमएस धोनी पहले से ही प्रादेशिक सेना में मानद लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर हैं. उन्हें एक महीने से अधिक समय तक भारतीय सेना की प्रतिष्ठित पैराशूट रेजिमेंट में भी प्रशिक्षित किया गया था.

PTI

मोदी सरकार एनसीसी में बदलाव पर फोकस कर रही है. यह ध्यान दिया जा सकता है कि रक्षा मंत्रालय ने अगस्त 2020 में एनसीसी के विस्तार को मंजूरी दी थी. विस्तार की घोषणा प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने 2020 में अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में की थी.

PTI

पीएम मोदी ने कहा था कि एनसीसी का विस्तार तटीय और दूरदराज के क्षेत्रों में किया जायेगा. सुनिश्चित करें कि इन क्षेत्रों को प्रशिक्षित जनशक्ति मिले और देश के युवाओं को कम उम्र में ही प्रशिक्षित बल के लिए काम करने का अनुभव प्राप्त हो.

PTI

रक्षा मंत्रालय ने एक विज्ञप्ति में कहा कि एनसीसी कैडेटों को विभिन्न क्षेत्रों में राष्ट्र निर्माण और राष्ट्रीय विकासात्मक प्रयासों में अधिक प्रभावी ढंग से योगदान करने के लिए सशक्त बनाने के लिए सुधार किया जायेगा.

PTI

समग्र रूप से संगठन की बेहतरी के लिए अपने पूर्व छात्रों के लाभकारी जुड़ाव के लिए उपायों का प्रस्ताव और एनसीसी पाठ्यक्रम में शामिल करने के लिए समान अंतरराष्ट्रीय युवा संगठनों की सर्वोत्तम प्रथाओं का अध्ययन और अनुशंसा करना भी लक्ष्य है.

PTI

बता दें कि हाल ही एमएस धौनी को आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप के लिए टीम इंडिया का मेंटर बनाया गया है. बीसीसीआई के इस फैसले पर कई पूर्व क्रिकेटरों ने सवाल भी खड़े किये हैं.

PTI