IPL 2021: चेन्नई सुपरकिंग्स की पहली जीत में छुपा है एम एस धोनी के टीम इंडिया के मेंटर बनने का राज

Prabhat khabar Digital

आईपीएल 2021 के पहले दो मैच ऐसा खेला गया, जिसमें पहला मैच एम एस धोनी के चेन्नई सुपर किंग्स ने जीता और दूसरे मैच में विराट कोहली की टीम रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर हार गयी. अगले महीने से यूएई में शुरू हो रहे आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप के लिए धोनी को टीम इंडिया का मेंटर बनाया गया है.

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इस हार जीत को इससे जोड़कर भी देखा जा रहा है. जिस प्रकार धोनी की चेन्नई सुपर किंग्स ने न केवल पहली पारी में 156/6 रन बनाये बल्कि मुंबई जैसी मजबूत टीम को 20 रन से हरा भी दिया. धोनी की चतुर कप्तानी, फील्ड प्लेसमेंट और अपने गेंदबाजों पर विश्वास रखने और उन्हें सही समय पर लाने के लिए काफी हद तक सराहा गया.

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आईपीएल के फिर से शुरू होने के दूसरे दिन, कोहली की रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर एक समान स्थिति में थी. हालांकि सीएसके से बेहतर शुरुआत हुई, लेकिन बल्लेबाजी के पतन के कारण 92 रन पर पूरी टीम आउट हो गयी और कोलकाता नाइट राइडर्स से नौ विकेट से हार गयी.

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केवल 92 रनों के बचाव में कोहली कुछ खास नहीं कर सके. लेकिन अगर वह टी-20 विश्व कप में भारत का नेतृत्व करते हुए खुद को इसी तरह की स्थिति में पाते हैं, तो धोनी के अतिरिक्त इनपुट से वे मैदान पर बेहतर कप्तानी कर पायेंगे.

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धोनी ने जो खिताब जीते हैं, वह 2007 के आईसीसी टी-20 विश्व कप के उद्घाटन संस्करण में और टीम इंडिया के लिए 2011 आईसीसी क्रिकेट विश्व कप या चेन्नई सुपर किंग्स के लिए आईपीएल और चैंपियंस लीग खिताब हैं. कोहली 2019 क्रिकेट विश्व कप या इस साल जून में आईसीसी विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल में कप्तान के रूप में भाग्यशाली नहीं रहे.

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2013 में डेनियल विटोरी से कप्तान के रूप में पदभार संभालने के बाद से कोहली आरसीबी को आईपीएल जीत की ओर ले जाने में सक्षम नहीं हो पाए. भारत के कप्तान के रूप में उपलब्धियों के मामले में धोनी और कोहली के बीच केवल एक चीज समान है, जो भारत को अपने-अपने कार्यकाल में नंबर 1 टेस्ट रैंक पर ले जा चुके हैं.

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धोनी का क्रिकेट कौशल कुछ ऐसा है जिसने उन्हें और उनकी टीम को ज्यादातर मौकों पर विपक्ष से आगे रखा है. सीमा रेखा के बाहर से खेल के बारे में उनका पठन उतना ही तेज है जितना कि जब वह विकेट कीपिंग दस्ताने पहन रहा होता है.

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