Chanakya Niti in Hindi: चार प्रकार के लोग खुद करते है अपने जीवन को तबाह, बनते हैं परिवार के भी बर्बादी का कारण

Prabhat khabar Digital

सुखी जीवन की परिकल्पना कौन नहीं करता है. सभी चाहते हैं कि दुख की छाया उनके जीवन पर बिल्कुल भी न पड़ें. लेकिन, ये चार प्रकार के लोग अपना जीवन खुद तबाह करते हैं..

आचार्य चाणक्य के एक श्लोक के अनुसार जो इंसान अपने आप से ही द्वेष की भावना रखता है उसका बरबाद होना तय है.

वहीं, जो दूसरों से ईर्ष्या का भाव रखता है वह आर्थिक रूप से कमजोर पड़ जाता है. धन हानि उसका मुकद्दर बन जाता है.

जबकि, जो राज्य के राजा से द्वेष की भावना रखता है वह व्यक्ति अपनी बर्बादी का किताब खुद ही लिखता है.

इतना ही नहीं जो ब्राह्यणों से ईर्ष्या भाव रखता है वह कहीं का नहीं रहता. उसके कुल का सर्वनाश हो जाता है.

इंसान खुद का मित्र और दुश्मन दोनों होता है. जो विद्वानों से द्वेष की भावना रखता है उसकी बर्बादी भी तय होती है.