सुभाष चंद्र बोस की बेटी ने राजनीतिक दलों से की अपील, कहा- मेरे पिता की आजाद भारत में जीने की थी इच्छा

Piyush Pandey

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की बेटी अनिता बोस फाफ ने देश में राजनीतिक दलों से उनके पिता की अस्थियां तोक्यो के रेनकोजी मंदिर से भारत लाने की दिशा में काम करने का अनुरोध किया.

नेताजी की बेटी अनिता बोस फाफ | twitter

बोस अनिता फाफा ने इसके साथ ही नयी दिल्ली में दिग्गज स्वतंत्रता सेनानी की प्रतिमा का अनावरण करने के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया. मोदी गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी में इंडिया गेट पर बोस की 28 फुट ऊंची प्रतिमा का अनावरण करेंगे.

सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा | twitter

अर्थशास्त्री बोस-फाफ ने जर्मनी से एक बयान जारी कर कहा, मेरे पिता की आजाद भारत में जीने की इच्छा थी. दुखद रूप से उनके असामयिक निधन ने उनकी यह इच्छा पूरी नहीं होने दी. मुझे लगता है कि कम से कम उनकी अस्थियां तो भारत की सरजमीं को छू पाए.

सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा | twitter

फाफ ने अपने बयान में कहा कि, मैं, भारत के लोगों तथा भारत के सभी राजनीतिक दलों से अपने पिता की अस्थियां भारत लाने के लिए गैर-राजनीतिक तथा द्विदलीय रूप से एकजुट होने की अपील करती हूं.

सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा | twitter

उन्होंने पहले कहा था कि वह इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाएंगी लेकिन वह रेनकोजी मंदिर से अपने पिता की अस्थियां भारत लाने की शर्तों और प्रक्रियाओं पर चर्चा करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात करना चाहती हैं.

सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा | twitter

फाफ ने दावा किया है कि नेताजी की अस्थियां तोक्यो के रेनकोजी मंदिर में रखी हैं. बोस-फाफ ने कहा, मुझे यह जानकर खुशी हो रही है कि मेरे पिता नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा का नयी दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आठ सितंबर को अनावरण किया जाएगा तथा उन्हें गौरवशाली स्थान मिलेगा.

सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा | twitter