बैंक से लेकर फैक्ट्री तक बनाने में योगदान है एम. विश्वेश्वरैया का, इसलिए आज मनाते हैं Engineer's Day

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भारत में हर साल 15 सितंबर को अभियंता दिवस (इंजीनियर्स डे) के रूप में मनाया जाता है

यह दिन भारत के सबसे महान इंजीनियरिंग सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती का दिन है, जो सर MV के नाम से प्रसिद्ध है

मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया का जन्म मैसूर में 15 सितम्बर 1861 को हुआ था. विश्वेश्वरैया भारतीय सिविल इंजीनियर, विद्वान और राजनेता थे.

विश्वेश्वरैया का करियर बॉम्बे सरकार के लोक निर्माण विभाग में सहायक अभियंता के रूप में शुरू हुआ

बाद में वह मुख्य अभियंता के रूप में मैसूर सेवा में शामिल हो गए और उन्होंने हैदराबाद, मैसूर, महाराष्ट्र और ओडिशा में कई तकनीकी परियोजनाओं में योगदान दिया

विश्वेश्वरय्या के प्रयासों से ही कृष्णराजसागर बांध, भद्रावती आयरन एंड स्टील व‌र्क्स, मैसूर संदल ऑयल एंड सोप फैक्टरी, मैसूर विश्वविद्यालय, बैंक ऑफ मैसूर का निर्माण हो पाया

1932 में 'कृष्ण राजा सागर' बांध के निर्माण परियोजना में वो चीफ इंजीनियर की भूमिका में थे. 'कृष्ण राज सागर' बांध का निर्माण आसान नहीं था क्योंकि तब देश में सीमेंट तैयार नहीं होता था लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और इंजीनियर्स के साथ मिलकर 'मोर्टार' तैयार किया जो सीमेंट से ज्यादा मजबूत था.