काल भैरव की पूजा करने से हर प्रकार के भय से मुक्ति मिलती है. बाबा काल भैरव की पूजा करने से तंत्र और मंत्र की सिद्धि होती है.
काल भैरव | सोशल मीडिया
माघ मास के कलाष्टमी आज है. कालाष्टमी व्रत की पूजा निशिता काल में करने का विधान है.
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निशिता काल पूजा मुहूर्त- 2 फरवरी को देर रात 12 बजकर 8 मिनट से रात के 1 बजकर 1 मिनट तक
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कालाष्टमी पूजा से पहले स्नान करें और पूजा स्थल को साफ करें.फिर काल भैरव की मूर्ति या चित्र स्थापित करें.
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अब काल भैरव को धूप, दीप से पूजन कर नारियल, इमरती, पान, मदिरा का भोग लगाएं.घर में गंगाजल छिड़कें और उन्हें फूल अर्पित करें
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काल भैरव के समक्ष चौमुखी दीपक जलाएं.पूजा के दौरान भैरव चालीसा और मंत्रों का पाठ करें.पूजा के अंत में आरती करें और काल भैरव का आशीर्वाद प्राप्त करें.
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