महिलाओं के कानूनी अधिकार  

Rinki SINGH 

24.10.24

घरेलू हिंसा अधिनियम 2005: महिलाओं को सभी प्रकार की हिंसा से सुरक्षा मिलती है।  

शारीरिक, मानसिक और यौन हिंसा: यह कानून इन सभी प्रकार की हिंसा को रोकता है। 

धारा 498-A का महत्व: पति और ससुराल वालों द्वारा प्रताड़ना गैर-जमानती अपराध है।  

सुरक्षा आदेश: पीड़ित महिलाएं अदालत से सुरक्षा आदेश प्राप्त कर सकती हैं।

रहने का अधिकार: महिला को घर से बाहर निकालना गैर-कानूनी है।  

आर्थिक सहायता: महिलाओं को मुआवजा और बच्चों की आर्थिक मदद मिलती है।

हेल्पलाइन और पुलिस: पीड़ित महिलाएं 1090 हेल्पलाइन और महिला पुलिस से संपर्क कर सकती हैं।  

तुरंत न्याय: पीड़ित महिलाएं अदालत से त्वरित राहत और संरक्षण पा सकती हैं।  

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