आषाढ़ मास में क्या करना चाहिए और क्या नहीं? जानें नियम

आषाढ़ महीने के देवता सूर्य और भगवान वामन हैं, इसलिए इस महीने में भगवान विष्णु के वामन अवतार और सूर्य की विशेष पूजा करनी चाहिए.

आषाढ़ माह में जल का अपमान करना अशुभ माना गया है, इस समय पानी की बर्बादी करने से बचें.

आषाढ़ माह में तामसिक चीजें जैसे शराब और मांस, मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए.

आषाढ़ मास में में दान, यज्ञ, व्रत, देव पूजा, पितृ पूजा करने से भाग्य का साथ मिलता है.

आषाढ़ महीने की अमावस्या को पिंडदान, पितरों का तर्पण, और श्राद्ध करना चाहिए.

आषाढ़ अमावस्या वाले दिन पीपल की जड़ में दूध और शुद्ध जल में मिश्री मिलाकर चढ़ाने से पितृ कृपा प्राप्त होती है.

सूर्यदेव की पूजा करते हुए हाथों को ऊपर करके गायत्री मंत्र का जाप 10 बार करें और व्रत करने का संकल्प लें.