राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पहुंचीं महंत घासीदास संग्रहालय, आदिवासी संस्कृति और आधुनिक शिल्प से हुईं रूबरू

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रायपुर के महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय पहुंचीं. जहां छत्तीसगढ़ के संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने उनका स्वागत किया. वो पुरातात्विक वैभव से रूबरू हुईं और यहां की ऐतिहासिक पृष्टभूमि से जुड़ी पुरातन और संग्रहणीय वस्तुओं का अवलोकन किया.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दो दिवसीय यात्रा पर छत्तीसगढ़ पहुंची. इस दौरान स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उनका स्वागत किया. राष्ट्रपति ने यहां महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय का भ्रमण किया. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति गुरुवार दोपहर बाद रायपुर के महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय पहुंचीं. जहां छत्तीसगढ़ के संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने उनका स्वागत किया.

संग्रहालय में छत्तीसगढ़ के पुरातात्विक वैभव से रूबरू हुई राष्ट्रपति

उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति मुर्मू संग्रहालय में छत्तीसगढ़ के पुरातात्विक वैभव से रूबरू हुईं और यहां की ऐतिहासिक पृष्टभूमि से जुड़ी पुरातन और संग्रहणीय वस्तुओं का अवलोकन किया. अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ और अन्य क्षेत्रों से प्राप्त प्रागैतिहासिक पत्थर के औजारों, प्राचीन मूर्तियों, अभिलेखों, ताम्रपत्रों और सिक्कों का अवलोकन किया और संग्रहालय में रखी गई आदिवासी संस्कृति और आधुनिक शिल्प से संबंधित सामग्रियों के बारे में भी जानकारी ली.

राष्ट्रपति ने रिजर्व कलेक्शन में रखी प्रतिमाओं का किया अवलोकन

उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति ने संग्रहालय के ‘रिजर्व कलेक्शन’ में रखी प्रतिमाओं का भी अवलोकन किया. अधिकारियों ने बताया कि सिरपुर में 1954-55 में खुदाई के दौरान और अन्य समय में प्राप्त धातु प्रतिमाओं और अन्य प्रतिमाओं को ‘रिजर्व कलेक्शन’ में रखा गया है, जो विश्व की ��नुपम कृतियों में से एक हैं, इसलिए सुरक्षा के लिए इसे बाहर नहीं रखा जाता है.

महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय है काफी पुराना

उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति ने आज ‘रिजर्व कलेक्शन’ की जिन प्रतिमाओं का अवलोकन किया. उनमें मंजूश्री, भगवान बुद्ध की वरद मुद्रा और भूमिस्पर्श मुद्रा में प्रतिमाएं तथा वज्रपाणी की प्रतिमा शामिल हैं. इस अवसर पर राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी मौजूद थे. राज्य की राजधानी रायपुर के सिविल लाइंस में क्षेत्र में स्थित महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय एक पुरातात्विक संग्रहालय है. इसे 1875 में राजनांदगांव के राजा महंत घासीदास ने बनवाया था.

राजेंद्र प्रसाद ने संग्रहालय भवन का किया था उद्घाटन

अधिकारियों ने बताया कि रायपुर संग्रहालय शुरू में नगर पालिका और जिला परिषद द्वारा चलाया जाता था. यह संग्रहालय सबसे पहले एक अष्टकोणीय भवन में स्थापित किया गया था. 1945 के बाद इस संग्रहालय के संरक्षण और विकास के लिए विशेष प्रयास किए गए. उन्होंने बताया कि अपने पूर्वजों की परंपरा को अपनाते हुए राजनांदगांव की रानी ज्योति देवी और उनके बेटे राजा दिग्विजय दास ने एक नया संग्रहालय भवन बनाने के लिए एक लाख रुपये का भुगतान किया था. वर्तमान संग्रहालय भवन के निर्माण के बाद 21 मार्च 1953 को भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद ने संग्रहालय भवन का उद्घाटन किया गया था.

प्राचीनता के लिए प्रसिद्ध है संग्रहालय

अधिकारियों ने बताया कि महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश में अपनी प्राचीनता और पुरातन के लिए प्रसिद्ध है. इस संग्रहालय में छत्तीसगढ़ और अन्य क्षेत्रों से प्राप्त प्रागैतिहासिक पत्थर के औजार, प्राचीन मूर्तियां, अभिलेख, ताम्रपत्र और सिक्के के अलावा आदिवासी संस्कृति, पशु-पक्षियों और आधुनिक काल के शिल्प कार्यों से संबंधित विभिन्न प्रकार की सामग्रियां हैं.

यहां जानिये कितना खूबसूरत है संग्रहालय

उन्होंने बताया कि संग्रहालय के आधार में प्रवेश दीर्घा, सिरपुर दीर्घा और शिलालेख दीर्घा हैं. पहली मंजिल में प्रकृति गैलरी, शस्त्र गैलरी, पेंटिंग गैलरी और दूसरी मंजिल में आदिवासी संस्कृति गैलरी है. अधिकारियों ने बताया कि संग्रहालय में पत्थर की मूर्तियां, धातु की मूर्तियां, तांबे की चादरें, अभिलेख, सिक्के और आधुनिक काल की विभिन्न मूर्तियां हैं. दुर्लभ पुरावशेषों में ईसा पूर्व दूसरी शताब्दी के अभिलेखित लकड़ी के स्तंभ, सिरपुर के किरारी और मंजुश्री तथा अन्य कांस्य प्रतिमाएं हैं.

Also Read: One Nation, One Election: क्या है वन नेशन वन इलेक्शन, किसने किया समर्थन और कौन कर रहा है विरोध

गुरू घासीदास विश्वविद्यालय के 10वें दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी राष्ट्रपति

राष्ट्रपति दो दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास पर हैं. राष्ट्रपति ने प्रवास के पहले दिन रायपुर के जगन्नाथ मंदिर में दर्शन किया और ब्रम्हाकुमारी संस्थान में ‘सकारात्मक परिवर्तन का वर्ष’ कार्यक्रम की शुरुआत की. वह दूसरे दिन एक सितंबर को बिलासपुर के गुरू घासीदास विश्वविद्यालय के 10वें दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Agency

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >