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 | | | लिट्टे के निर्णायक सफाये के मिशन पर श्रीलंका | | | श्रीलंका के लिए आतंक का पर्याय रहे लिट्टे पर ओखरी चोट करने के इरादे से श्रीलंकाई सेना अपनी पूरी ताकत झोंक चुकी है. बीते ढाई दशक से लिट्टे ने श्रीलंका को हलकान कर रखा है और वर्ष 2005 से देश में आपातकाल जारी है. लेकिन राष्ट-पति महिंदा राजपक्षे के कार्यकाल में अगस्त, 2006 से शुरू इस भीषण लड़ाई में तब निर्णायक मोड़ आता दिखा, जब बीते 2 जनवरी को सेना ने लिट्टे के प्रशासनिक मुख्यालय किलिनोच्चि पर कब्जा कर लिया. किलिनोच्चि के पतन के बाद सेना ने तमिल चीतों के दूसरे मजबूत गढ़ मुलैयतिवु पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है, जहां से लिट्टे प्रमुख प्रभाकरन विद्रोही लड़ाकों का नेतृत्व कर रहे हैं. बीते दशक में संघर्ष विराम और भीषण लड़ाइयों के दौर से गुजर चुका श्रीलंका एक राष्ट-पति, सैन्य प्रमुख, कई मंत्री-सांसद समेत हजारों लोगों को खो चुका है. सरकारी दावों पर यकीन करें तो श्रीलंका लिट्टे के निर्णायक सफाये के मिशन पर है.ऐशया फिलीस्तीन-इस्राइल संकट में चढ़ी निदरेषों की बलिइस्राइल द्वारा गाजा पट्टी पर पिले बारह दिनों से जारी हमलों में अब तक 650 से अधिक फिलीस्तीनी मारे गये हैं. महिलाओं, बच्चों समेत सैकड़ों निदरेष फिलीस्तीनियों के मुकाबले सात इस्राइली ही मरे हैं. संयुक्त राष्ट-संघ द्वारा चलाये जा रहे स्कूल पर हमले के कारण दर्जनों बच्चों की मौत के बाद विश्वसंस्था ने समाधानपरक कूटनयिक प्रयास तेज कर दिये हैं.चीन ने गूगल समेत कई वेबसाइट्स पर शिकंजा कसाचीन की सरकार ने इंटरनेट पर ईल व आपत्तिजनक सामग्री परोसे जाने के खिलाफ मुहिम चलाते हुए गूगल और चीन में सर्वाधिक लोकप्रिय सर्च इंजन बाइडू सहित उन्नीस वेबसाइट्स पर कार्रवाई शुरू कर दी है. सरकार के अनुसार आदेश के बावजूद ये वेबसाइट्स भद्दी सामग्री देने से बाज नहीं आ रहे. कई जानकार मानते हैं कि राजनीतिक असंतोष के एक नये हथियार के रूप में इंटरनेट के इस्तेमाल की आशंका से डरते हुए चीनी सरकार ने यह कदम उठाया है.अफ्रीका अराजकता के रास्ते पर सोमालियाइथोपिया ने सोमालिया से अपनी सेना की वापसी शुरू कर दी है, जो इसलामी मिलिशिया के खतरे से निबटने के लिए पिले दो सालों से वहां टिकी हुई थी. सोमालिया में तैनात रही अफ्रीकी संघ की शांति सेना की भी वापसी हो रही है. इसलामी मिलिशिया और सोमालियाई समुद्री लुटेरों की कार्रवाइयों से त्रस्त और बेहद कमजोर सरकार के कारण इस देश का भविष्य अराजक नजर आ रहा है.दक्षिण अमेपरका घरेलू ओर्थक चुनौती से निबटते चिली और मेक्िसकोचिली सरकार ने 4 अरब डॉलर का ओर्थक कार्यक्रम शुरू किया है, ताकि एक लाख नयी नौकपरयों का सृजन हो और निर्धन लोगों को मदद पहुंचायी जा सके. उधर मेक्िसको सरकार ने ऐलान किया है कि वह पेट-ोल की कीमतों और नकदी प्रवाह को नियंत्रित करेगी, ताकि घरेलू उद्योगों का उद्धार और बेरोजगारी को थामा जा सके.यूरोप रूस-यूक्रेन के गैस विवाद से प्रभावित यूरोपरूस और यूक्रेन के बीच जारी पेट-ोलियम गैस विवाद गहराता गया है. जब रूस ने सभी गैस पाइपलाइनें ठप कर दीं, तो दक्षिण-पश्चिमी यूरोप में गैस का संकट पैदा हो गया. जर्मनी और इटली तक में इस संकट का असर दिखा. यूरोपीय देशों का एक साझा प्रतिनिधिमंडल इस विवाद का समुचित समाधान निकालने के लिए मास्को पहुंच गया है.अजरबैजान तानाशाही शासन की ओरअजरबैजान की सरकार ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए विदेशी प्रसारण एजेंसियों के देश में राष्ट-व्यापी प्रसारण पर रोक लगा दी है. बीबीसी और वॉयस ऑफ अमेपरका जैसे नामी प्रसारण एजेंसियां तक प्रभावित हो गयी हैं. माना जा रहा है कि अजरबैजान तानाशाही शासन की ओर बढ़ रहा है.फ्रांस में न्यायिक सुधार कार्यक्रम शुरूफ्रांस के राष्ट-पति निकोलस सरकोजी ने न्यायिक सुधार कार्यक्रम शुरू करते हुए उस स्वतंत्र इनवेस्टिगेटिव मजिस्टेट सिस्टम की समाप्ति कर दी है, जिसकी बुनियाद नेपोलियन ने रखी थी. सरकोजी की नीति के अनुसार पुलिस और राज्य अभियोजक इन मजिस्ट-ेटों का स्थान लेंगे. यह प्रयोग कई यूरोपीय देशों में प्रचलित है.अमेपरका बराक ओबामा की मुसीबतें जारीबराक ओबामा द्वारा अपने प्रशासनिक ढांचे के निर्माण की कोशिशें विवाद व चर्चा के घेरे में सिमटती गयी हैं. न्यू मेक्िसको प्रात के गवर्नर रहे बिल परचर्डसन ने देश के वाणिज्य सचिव के रूप में अपना नामांकन वापस ले लिया है. उन पर भ्रष्ट आचरण में लिप्त रहने का आरोप है. उधर सीआइए के नये मुखिया के रूप में लियोन पेनेटा की दावेदारी की भी आलोचना हो रही है. |
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| Q. | 'बिहार में चुनावी प्रक्रिया काफी लंबी हो गयी है?' |
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| हां, बचपन में यही बात सुनते थे तुम्हारी दादी मां से.. |
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