जमशेदपुर : टाटा मोटर्स में अस्थायी कर्मचारियों को काम से बैठाने का सिलसिला जारी है. अभी तक करीब 2600 अस्थायी कर्मचारियों को काम से बैठा दिया गया है. टाटा मोटर्स में वित्तीय वर्ष के अंत में प्रोडक्शन टारगेट पूरा कर लिया गया है.
प्रोडक्शन टारगेट पूरा कर लिये जाने के बाद करीब एक सप्ताह के लिए अस्थायी कर्मचारियों को बैठाया गया.सबसे अधिक प्लांट थ्री, फ़ोर्ज, फ़ाउंड्री में अस्थायी कर्मचारियों का सेपरेशन किया गया.टारगेट घटने से बढ़ सकती है सेपरेशन की अवधि कंपनी में औसतन 8000-9000 वाहनों के प्रतिमाह उत्पादन का टारगेट रहता था.
मिली जानकारी के अनुसार, अप्रैल में प्रोडक्शन टारगेट करीब 6000 आया है, जिससे सेपरेशन की अवधि बढ़ने की भी संभावना जतायी जा रही है.वहीं, विभाग से कर्मचारियों की जरूरत के अनुसार उन्हें अप्रैल दूसरी तारीख से बुलवाने के लिए लेबर ब्यूरो में मेल भेजने का काम भी प्रारंभ हो गया है.उम्मीद की जा रही है कि 2 अप्रैल से कर्मचारियों को काम पर बुलाया जाना भी प्रारंभ हो जायेगा.
कितने अस्थायी कर्मचारियों को 2 अप्रैल से बुलाया जायेगा, यह अभी साफ़ नहीं हो सका है.प्रोडक्शन 1.07-1.08 लाख पहुंचा टाटा मोटर्स में पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में इस बार बेहतर बढ़ोत्तरी हुई है. पिछले वर्ष जहां यह संख्या 1,00,057 थी वहीं इस वर्ष उत्पादन करीब 1.07 हजार से 1.08 हजार के बीच पहुंच गया है. टाटा मोटर्स के डिस्पैच विभाग टीटीसीए के माध्यम से अभी तक 1,00,600 वाहनों का डिस्पैच हो चुका है.
If the company fulfil its target within a given time period, but instead of rewarding the employees, the company is giving a seperation, they should make all the employee permanent as soon as possible.
Post new comment