रिंग रोड का काम विभाग ने अपने हाथ में लिया
रांची : पथ निर्माण विभाग ने बड़ा फ़ैसला लेते हुए रिंग रोड फ़ेज सात (तिल्ता से विकास) के कंसल्टेंट एसडीएनएचएसएसआइ एवं वीकेएस को इस प्रोजेक्ट से टर्मिनेट (निष्कासित) कर दिया है.
इसके साथ ही विभाग ने इसकी मॉनिटरिंग की जिम्मेवारी अब अपने हाथों में ले लिया है. अब विभाग के इंजीनियर इसका सुपरविजन व मॉनिटरिंग करेंगे.
एसडीएनएचएसएसआइ मलयेशिया की कंपनी है. उसने वीकेएस के साथ ज्वायंट वेंचर बनाया था. विभाग ने 2007 में ही इस कंपनी को रिंग रोड प्रोजेङ्गट के लिए नियुक्त किया था. इसके तहत यही कंपनी रिंग रोड की मॉनिटरिंग कर रही थी.
क्यों टर्मिनेट किया
कंसल्टेंट को इस प्रोजेक्ट के सुपरविजन की जिम्मेवारी थी. मापी लेना, बिल बनाना सारा काम उसका ही था. विभाग ने यह माना कि रिंग रोड की प्रगति धीमी होने में कंसल्टेंट की भी भूमिका महत्वपूर्ण है. ठेकेदार व विभाग के बीच की कड़ी के रूप में कंसल्टेंट को काम करना था. विभाग ने पाया कि कंसल्टेंट अपनी जिम्मेवारी ठीक से नहीं निभा रहे थे. इसके बाद ही उसे इस प्रोजेक्ट से हटा दिया गया.
डेढ़ दर्जन इंजीनियर थे
कंसल्टेंट के पास करीब डेढ़ दर्जन इंजीनियर थे. हर काम के लिए अलग-अलग इंजीनियर थे. दूसरे कर्मियों को मिला कर कंसल्टेंट के पास करीब दो दर्जन कर्मी थे, जो प्रोजेक्ट में लगे हुए थे.
मिले 11 इंजीनियर
रिंग रोड का काम देखने के लिए विभाग ने 11 इंजीनियरों को लगाया है. अभी अतिरिक्त इंजीनियर भी दिया जायेगा. एक कार्यपालक अभियंता, चार सहायक अभियंता व छह कनीय अभियंता इस काम में लगे हैं.
अप्रैल में फ़िर सड़क यात्रा करेंगे सीएम
रांची : मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा अप्रैल महीने में फ़िर से सड़क यात्रा पर निकलेंगे. इस बार मुख्यमंत्री ने दूर-दराज के गांवों में जाने की योजना बनायी है. वह रात्रि विश्राम भी गांवों में ही करेंगे. ग्रामीणों से मिल कर सरकारी योजनाओं का हाल जानेंगे. मालूम हो कि मुख्यमंत्री अब तक दो बार सड़क यात्रा पर निकल चुके हैं.
।। मनोज लाल ।।
This should be a wake up call for the remaining consultant of government of Jharkhand. Lack of interest/ slow development will cause industries to move out of Ranchi. Every citizen in Ranchi knows what a mess this city has become due to incompetent government agencies. Think tanks of Jharkhand must think that why most of investment goes to Gujrat, Uttranchal, Orissa, when most of the resources they take from Jharkhand. I am sure that this is not the last termination of consultancy company but govt will have to take firm action against all white elephant firm consuming resources of state.
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