पटनाः बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिये जाने के मामले में एक अच्छी खबर है. केंद्र ने बिहार से अपना पक्ष रखने के लिए अधिकारियों को दिल्ली बुलाया है. योजना आयोग की सदस्य सचिव सुधा पिल्लई की अध्यक्षता में 26 मार्च को दिल्ली में विशेष राज्य के मामले पर बैठक होगी. बिहार की ओर से मुख्य सचिव नवीन कुमार, योजना व विकास विभाग के प्रधान सचिव विजय प्रकाश और वित्त आयुक्त रामेश्वर सिंह तर्क के साथ राज्य का पक्ष रखेंगे.
अधिकारियों को जैसे ही केंद्र के इस पत्र की जानकारी मिली, उनके चेहरे खिल उठे. तत्काल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को यह जानकारी दी गयी. शनिवार को मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव, विकास आयुक्त, योजना एवं विकास विभाग के प्रधान सचिव एवं वित्त आयुक्त को बुलाया और राज्य सरकार द्वारा रखे जाने वाले पक्ष की समीक्षा की तथा आवश्यक निदेश दिये. बैठक में भाग लेने के लिए मुख्य सचिव शनिवार की रात दिल्ली के लिए रवाना हो गये. शेष अधिकारी रविवार को दिल्ली पहुंच जायेंगे.26 की बैठक में विशेष राज्य का दर्जा के लिए बाढ़ की विभीषिका से लेकर पूरे भौगोलिक स्थिति का पक्ष प्रस्तुत किया जायेगा.
राज्य में औद्योगिक स्थिति पर विस्तार से चर्चा कर पक्ष रखा जायेगा. गरीबी की स्थिति और रोजगार की कम संभावना पर बात होगी. झारखंड से अलग होने के बाद बिहार को जो केंद्रीय सहायता मिलनी चाहिए थी, वह नहीं मिल सकी. झारखंड के अलग होने के समय केंद्र ने बिहार को आवश्यक मदद देने का आश्वासन भी दिया था, बावजूद मदद नहीं मिली. बिहार बतायेगा कि राज्य की 85 प्रतिशत से अधिक आबादी कृषि पर निर्भर है. कभी बाढ़ और कभी सुखाड़ में खेती चौपट होने से लोगों को जीवन-यापन में परेशानी का सामना करना पड़ता है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कई मौकों पर प्रधानमंत्री से भी विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग कर चुके हैं. बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने के लिए जदयू ने पूरे राज्य में हस्ताक्षर अभियान चलाया था.
राज्य के सवा करोड़ लोगों से इस मामले में हस्ताक्षर करा कर 14 जुलाई, 2011 को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को ज्ञापन सौंपा था. इस मामले पर केंद्र ने योजना आयोग की सदस्य सचिव सुधा पिल्लई की अध्यक्षता में आठ सितंबर, 2011 को अंतरमंत्रालय समिति का गठन किया गया था. प्रधानमंत्री ने समिति से तीन माह के अंदर रिपोर्ट देने को कहा था. अब तक समूह ने अपनी रिपोर्ट नहीं दी है. लेकिन, इसी मुद्दे पर योजना आयोग की सदस्य सचिव ने बिहार के अधिकारियों के साथ बैठक बुलायी है. केंद्र के इस कदम के बाद विशेष राज्य का दर्जा मामले में फ़िर से उम्मीद बंधी है.
BIHAR KO BISHESH RAJAYA KA DARJA DILANE KE LIYE JO JAN ANDOLAN CHAL RAHA THA RUKANA NAHI CHAHIYE. AGAR AISA HOTA HAI TO JAN ANDOLAN BISHESH DARJA KE LABH KO KAISE PRABHABI BANAYA JAYE .... DILLI ME 4 BAJE UTH KAR LOG BAG KAM ME LAG JATE HAI..PANI AA JATA HAI...HAMARA BIHAR DILLI SE KARIB 26 MINUTE PURAB HAI.. IS HISAB SE HAM LOG KO SARHE 3 BAJE UTHANA CHAHIYE..... BIHAR ME BIBIDH BHARTI KA FM TRANSMISSION PURE BIHAR ME HO.... PURA ADHAI GHANTA 3.30 SE 6 BAJE TAK SUBAH KA RAG RAGINI PRASARIT HO...TO UTTAM...AKHIR HAM SOE BHI TO BAHUT ADHIK SALO TAK.
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