सिलीगुड़ी : हमारी एक ही मांग है गोरखालैंड. जीटीए इस मंजिल तक पहुंचने के लिए सीढ़ी है. जीटीए के साथ तराई-डुवार्स को शामिल होने से आदिवासियों का हित व विकास होगा. माकपा इस मार्ग में बाधक का रोल प्ले कर रही है.
वह आदिवासी विकास परिषद भड़का रही है. शुक्रवार को कोलकाता में पूर्व न्यायाधीश श्यामल सेन की अध्यक्षता में होनेवाले हाइ पावर कमेटी की बैठक में हम सिलीगुड़ी, तराई, डुवार्स और राजगंज क्षेत्रों से कुल 396 मौजा जीटीए में शामिल करने की मांग रखेंगे. यह कहना है गोरखा जन मुक्ति मोरचा के महासचिव रोशन गिरि का.
वह गुरुवार को कोलकात्ता रवाना होने से पूर्व बागडोगरा एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही. इस बैठक में गोजमुमो केंद्रीय कमेटी के सदस्य एल वी परियार भी शामिल हो रहें हैं. गोजमुमो के महासचिव रोशन गिरि ने कहा कि हम जीटीए के साथ सिलीगुड़ी और तराई के 199 मौजे, डुवार्स के 196 और राजगंज में 03 मौजे की मांग कर रहें हैं. हमारे इस मांग के समर्थन में अखिल भारतीय ओदवासी विकास परिषद के निलंबित नेता जान बारला का भी समर्थन है.
एलवी परियार ने कहा कि 22 फ़रवरी को दिल्ली में प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हुए सफ़ल बैठक से प्रसन्न है. जीटीए लागू होगा, मुख्यमंत्री ने हमें आश्वासन दिया है. बैठक में तराई -डुवार्स के मौजे को शामिल करने पर भी बात करेंगे.
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