ब्राजील में सबसे अधिक चमक बिखेर रहे हैं गोलकीपर
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 13 Jul 2014 12:05 PM
रियो डि जनेरियो: दक्षिण अफ्रीका में चार साल पहले टीमों के सतर्क होकर खेलने के कारण ब्राजील में चल रहे विश्व कप को आक्रामक फुटबॉल की वापसी माना जा रहा है लेकिन 2014 विश्व कप में सबसे अधिक चमकने का मौका दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गोलकीपरों को मिला है. रविवार को अर्जेन्टीना और जर्मनी के बीच […]
रियो डि जनेरियो: दक्षिण अफ्रीका में चार साल पहले टीमों के सतर्क होकर खेलने के कारण ब्राजील में चल रहे विश्व कप को आक्रामक फुटबॉल की वापसी माना जा रहा है लेकिन 2014 विश्व कप में सबसे अधिक चमकने का मौका दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गोलकीपरों को मिला है.
रविवार को अर्जेन्टीना और जर्मनी के बीच होने वाले फाइनल में विश्व को एक बार फिर जर्मनी के मैनुएल नुएर के रुप में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर को देखने का मौका मिलेगा. इतना ही नहीं क्लब स्तर पर कम पहचाने जाने वाले गोलकीपर भी ब्राजील में पिछले पांच हफ्ते में काफी चमके.
अर्जेन्टीना के सर्जियो रोमेरो ने पिछले सत्र में मोनाको के लिए सिर्फ एक लीग मैच में शुरुआत की थी लेकिन वह उस समय राष्ट्रीय हीरो बन गए जब सेमीफाइनल में पेनल्टी के दौरान उन्होंने रोन व्लार और वेस्ले स्नाइडर के शाट रोकर अपनी टीम को 24 साल में पहली बार विश्व कप के फाइनल में जगह दिला दी.
रक्षण की अंतिम पंक्ति के रुप में पहचाने जाने वाले गोलकीपरों को हालांकि ब्राजूका के रुप में विश्व कप के दौरान अनुकूल गेंद मिली जिस पर चार साल पहले इस्तेमाल की गई जाबुलानी की तुलना में बेहतर अंदाजा लगाया जा सकता है.
उत्तर अमेरिकी महासंघ कोनकाकाफ ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और उसकी तीन टीमें प्री क्वार्टर फाइनल में प्रवेश करने में सफल रही जिसमें इनके गोलकीपरों की अहम भूमिका रही. मैक्सिको के गुइलेर्मो ओचाओ ब्राजील के खिलाफ गोलरहित ड्रा के दौरान पांच बार की पूर्व चैम्पियन टीम को गोल से वंचित रखने में कामयाब रहे. उनके इस शानदार प्रदर्शन से दुनिया के कई शीर्ष क्लबों की नजरें उन पर टिक गई हैं और वह स्पेन के चैम्पियन एटलेटिको मैड्रिड से जुड़ सकते हैं.
एटलेटिको मैड्रिड की नजरें कोस्टा रिका के केलोर नवास पर भी टिकी हैं जो लियोनल मेस्सी के अलावा ब्राजील में तीन मैन आफ द मैच खिताब जीतने वाले एकमात्र खिलाड़ी हैं. नवास ने नियमित समय के दौरान 510 मिनट के खेल में सिर्फ एक गोल खाया और अपनी टीम को इतिहास में पहली बार क्वार्टर फाइनल में पहुंचाया जब अंतिम 16 के मुकाबले में यूनान के खिलाफ उन्होंने लेवाते टीम के अपने पूर्व साथी थियोफानिस गेकास की पेनल्टी रोक दी.
किसी एक मैच में हालांकि गोलकीपर के रुप में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन बेल्जियम के खिलाफ अमेरिका के टिम होवार्ड ने किया। होवार्ड ने मैच के दौरान 16 बचाव किए जो 1966 के बाद किसी भी गोलकीपर की ओर से रिकार्ड बचाव है. इस मैच के बाद उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लग सकता है कि सोशल मीडिया साइट ट्विटर पर थिंग्सटिमहावर्डकुडसेव हैशटैग शीर्ष टे्रंड में शामिल रहा और अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने निजी तौर पर फोन करके उन्हें धन्यवाद दिया.
मैच के दौरान सिर्फ एक मिनट खेलने वाले गोलकीपर भी अपनी छाप छोड़ गए. नीदरलैंड के टिम क्रूल अहम बदलाव साबित हुए जब उन्हें कोस्टा रिका के खिलाफ टीम के पेनल्टी शूट आउट के लिए अतिरिक्त समय के अंतिम मिनट में मैदान पर उतारा गया. न्यूकासल यूनाईटेड के साथ पेनल्टी का काफी अच्छा रिकार्ड नहीं होने के बाद बावजूद कू्रल ने दो बचाव किए और मध्य अमेरिकी देश को क्वार्टर फाइनल से बाहर कर दिया.
कुछ गोलकीपर हालांकि विश्व कप के दौरान खलनायक बनकर भी उभरे. स्पेन के कप्तान इकेर कैसिलास ने कई गलतियां की जिससे उनकी गत चैम्पियन टीम को पहले दौर में ही बाहर होना पड़ा. रुस के इवान एकिनफीव भी अपनी टीम की हार का कारण बने. उन्होंने दक्षिण कोरिया को अपने पहले मैच में गोल करने का मौका दिया जबकि फाबियो कपेलो की टीम जब अल्जीरिया के खिलाफ अच्छे प्रदर्शन से अंतिम 16 में जगह बनाने की ओर बढ़ रही थी तब उन्होंने एक बार फिर गलती की.
कपेलो ने हालांकि दावा किया कि यासिन ब्राहिमी ने जब क्रास दिया जो किसी ने एकिनफीव की आंखों पर लेजर चमकाई जिससे इस्लाम स्लिमानी को बराबरी का गोल दागने का मौका मिल गया और उनकी टीम जीत से वंचित रह गई.
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