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jamshedpur

  • Mar 21 2017 8:26AM

जमशेदपुर : युवा महोत्सव में भागीदारी नहीं देने को लेकर छात्रों का कॉलेजों में विरोध-प्रदर्शन, बंद

कोल्हान विश्वविद्यालय छात्र संघ व विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा आहूत कॉलेजों में बंदी शहर व आसपास के क्षेत्रों में असरदार रही. इनमें जमशेदपुर वीमेंस कॉलेज को छोड़, शहर समेत घाटशिला, बहरागोड़ा व चांडिल के कॉलेज शामिल हैं. जबकि चाईबासा, चक्रधरपुर, सरायकेला व खरसावां में बंद बेअसर रहा. वहां के कॉलेजों में आम दिनों की तरह कक्षाएं संचालित हुईं. 

शहर में सुबह करीब 8:30 बजे ही बंद समर्थक छात्र-छात्राएं कॉलेजों में पहुंचने लगे. इस दौरान जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज में उन्होंने बीटेक थर्ड सेमेस्टर की परीक्षा बाधित करने का प्रयास किया, वहीं जमशेदपुर वर्कर्स कॉलेज में इंटरमीडिएट की प्रायोगिक परीक्षा नहीं हो सकी. 
वहीं ग्रेजुएट कॉलेज में पहुंच कर उन्होंने कक्षाएं बाधित करते हुए तालाबंदी कर दी. इसके बाद बंद समर्थकों ने युवा महोत्सव आयोजन स्थल व मेजबान करीम सिटी कॉलेज के गेट पर सुबह 10:00 से दोपहर 12:15 बजे तक करीब सवा दो घंटे हंगामा व प्रदर्शन किया. इस दौरान पथराव भी किया गया. बंद करानेवालों में विवि छात्र संघ अध्यक्ष नीतीश कुमार, अभाविप के सोनू ठाकुर, सूरज कुमार, जेसीएम के अरुण मुर्मू, प्रेम प्रकाश दूबे, मो सरफराज, लॉ कॉलेज के सुशील तिवारी, राहुल, एनएसयूआइ की रोज तिर्की व अन्य शामिल थे.

अंतत: करीम सिटी कॉलेज में नहीं घुस पाये बंद समर्थक
 
चूंकि विश्वविद्यालय के चतुर्थ युवा महोत्सव में छात्र संघ प्रतिनिधियों को उचित सम्मान व आमंत्रण नहीं मिलने के विरोध में बंद बुलाया गया था. इस कारण विवि छात्र संघ अध्यक्ष नीतिश कुमार के नेतृत्व में समर्थक सुबह करीब 10:00 बजे आयोजन स्थल करीम सिटी कॉलेज के मुख्य द्वार पर पहुंचे. लेकिन गेट में ताला लगा था. वहां सुरक्षा व विधि-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गयी थी. करीब 45 मिनट तक उन्होंने गेट के समक्ष विवि के कुलपति व कॉलेज के प्राचार्य के खिलाफ नारेबाजी व प्रदर्शन किया. गेट को तोड़ने का भी प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने रोक लिया.
 
इसके बाद वे कॉलेज के पिछले गेट पर पहुंचे, वहां भी पुलिस जवान तैनात थे. हंगामे के दौरान उन्होंने कॉलेज के गेट में ताला जड़ दिया. इस बीच वहां बंद समर्थक छात्रों ने पथराव किया. इससे खिड़कियों के शीशे टूट गये. उनका कहना था कि कॉलेज की छत से किसी ने पत्थर मारा. जबकि कॉलेज प्रबंधन की ओर से बताया गया कि किसी ने पथराव नहीं किया. बंद समर्थक कॉलेज के प्राचार्य से मिल कर बात करने की मांग कर रहे थे. इस पर पुलिस ने प्रयास किया. लेकिन वे प्राचार्य से नहीं मिल सके. उन्होंने कॉलेज परिसर से अंदर प्रवेश करने ही नहीं दिया गया. अंतत: वे वहां से लौट गये.
बाहर खड़े रहे प्रतिभागी : बंद समर्थकों के हंगामा व विरोध-प्रदर्शन के कारण कॉलेज के दोनों गेट बंद कर दिये गये थे. इस कारण प्रतिभागी व अन्य आगंतुकों को भी घंटों बाहर ही खड़ा रहना पड़ा. बंद समर्थक छात्रों को लौटने के बाद उन्हें प्रवेश पत्र देख कर अंदर जाने दिया गया.
 
पीजी विभाग व कॉलेजों में बंद बेअसर सामान्य दिनों की तरह चली कक्षाएं
चाईबासा. कोल्हान विवि के टाटा कॉलेज, पीजी विभाग, कॉमर्स कॉलेज, महिला कॉलेज व जेएनएल कॉलेज चक्रधपुर में सामान्य दिनों की तरह कक्षाएं चली. एबीवीपी, एनएसयूआई व झारखंड छात्र मोर्चा के एक भी कार्यकर्ता कॉलेज बंद कराने नहीं पहुंचे. छात्र समय पर कॉलेज पहुंचे.कोल्हान विवि के छात्र संघ अध्यक्ष नीतीश कुमार ने बंद के दौरान पीजी व यूजी का परीक्षा फार्म भरने नहीं देने की बात कही थी. लेकिन चाईबासा में इसका असर देखने को नहीं मिला. पीजी विभाग समेत कॉलेजों में छात्रों ने परीक्षा फाॅर्म भरा. 

वर्कर्स कॉलेज में विलंब से हुई परीक्षा
 
मानगो स्थित जमशेदपुर वर्कर्स कॉलेज में कक्षाएं बाधित रहीं. वहीं विरोध-प्रदर्शन के कारण इंटरमीडिएट व बीटेक की परीक्षा करीब 15 मिनट विलंब से शुरू हुई. यहां भी प्राचार्य कक्ष में तालाबंदी कर दी गयी थी. वहीं शिक्षक व कर्मचारियों को बायोमीट्रिक अटेंडेंस बनाने में भी परेशानी हुई. उन्होंने विलंब से अटेंडेंस दर्ज कराया.
 
को-ऑपरेटिव में परीक्षा बाधित करने का प्रयास
 
जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज में सुबह करीब 9:30 बजे बंद समर्थक पहुंचे. यहां उन्होंने परीक्षा विभाग में जाकर परीक्षा नियंत्रक डॉ संजीव सिंह को परीक्षा नहीं कराने की बात कही. लेकिन डॉ सिंह ने उनकी बात मानने से इनकार किया. इसके बाद उन्होंने कोल्हान विवि को जानकारी दी. विश्वविद्यालय के आदेश पर उन्होंने छात्रों से बात की. बाद में छात्र लौट गये और परीक्षा समय से संचालित हुई. ग्रेजुएट कॉलेज में बंद समर्थकों को करना पड़ा छात्राओं के विरोध का सामना. ग्रेजुएट कॉलेज में तालाबंदी के कारण प्रभारी प्राचार्य को बाहर पोर्टिको में बैठने पड़ा, शिक्षक-शिक्षिका व छात्राएं बाहर ही रहीं
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