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champaran east

  • May 4 2017 10:10PM

स्वामी अग्निवेश ने मोतिहारी में दो चीनी मिल मजदूरों के आत्महत्या मामले की CBI जांच की मांग की

स्वामी अग्निवेश ने मोतिहारी में दो चीनी मिल मजदूरों के आत्महत्या मामले की CBI जांच की मांग की

पटना : समाजसेवी स्वामी अग्निवेश ने पूर्वी चंपारण जिला में बकाया वेतन सहित अपनी अन्य मांगों को लेकर मोतिहारी चीनी मिल प्रबंधन के विरुद्ध गत 10 अप्रैल को दो मजदूर के कथित तौर पर आत्मदाह मामले की सीबीआइ से जांच कराए जाने की मांग की है.

अग्निवेश ने आज यहां पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि चीनी मिल मालिक, भूमाफिया, प्रशासन और पुलिस के बीच साठगांठ होने के कारण बिहार सरकार द्वारा इस मामले की जांच के लिए गठित की गयी विशेष जांच टीम (एसआइटी) के इसका निष्पक्ष तौर पर जांच किए जाना संभव नहीं है, इसलिए वह इसकी सीबीआइ से जांच कराए जाने की मांग कर रहे हैं.

उल्लेखनीय है कि अग्निवेश के नेतृत्व में एक टीम ने गत एक और दो मई को घटनास्थल का निरीक्षण किया था और इस हादसे को लेकर स्थानीय लोगों से बातचीत करने के बाद एक जांच रिपोर्ट तैयार की थी. बिहार के पूर्वी चंपारण जिला में बकाया वेतन सहित अपनी अन्य मांगों को लेकर मोतिहारी चीनी मिल प्रबंधन के विरुद्ध गत 10 अप्रैल को कथित तौर पर आत्मदाह करने वाले उक्त चीनी मिल मजदूर यूनियन के महामंत्री नरेश कुमार श्रीवास्तव (50) ने गत 11 अप्रैल की सुबह तथा दूसरे मजदूर सूरज बैठा (50) ने 19-20 अप्रैल की रात्रि में इलाज के क्रम में पटना मेडिकल कालेज अस्पताल :पीएमसीएच: में दम तोड़ दिया था.

अपने बकाया वेतन सहित अन्य मांंगों को लेकर मोतिहारी चीनी मिल मजदूर यूनियन द्वारा गत 10 अप्रैल को आंदोलन और आत्मदाह की धमकी दी गयी थी और उसी दौरान नरेश और सूरज के कथित तौर पर अपने शरीर में आग लगा लिये जाने से उनके गंभीर रुप से झुलस जाने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच भेजा गया था.

पूर्वी चंपारण जिला मुख्यालय मोतिहारी के अंचल अधिकारी चौधरी वसंत कुमार सिंह द्वारा चीनी मिल मजदूरों के कथित आत्मदाह मामले में स्थानीय थाना में 35 नामजद और 200 अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी जिसमें 7 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था.

नरेश कुमार श्रीवास्तव के इलाज दौरान उनकी पत्नी पूर्णिमा देवी तथा सूरज बैठा के परिजनों द्वारा पीएमसीएच पुलिस को दिए गए बयान के आधार पर पूर्वी चंपारण पुलिस ने चीनी मिल मालिक विमल नोपानी और मिल प्रबंधक आरपी सिंह ने षडयंत्र करके अपने गुर्गों के जरिए आंदोलन के दौरान उनके पति के शरीर आग लगवायी थी, जिसके आधार पर इस मामले में एक दूसरी प्राथमिकी दर्ज करते हुए सिंह को गत 16 अप्रैल को लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया था. चीनी मिल मालिक अभी भी फरार है जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम के प्रयास जारी है.

पूर्वी चंपारण के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र राणा ने गत 10 अप्रैल को इन लोगों के आत्मदाह करने में दूसरों आंदोलनकारियों का हाथ होने की संभावना को खारिज नहीं किया था. गत 10 अप्रैल को आंदोलनकारियों को जिलाधिकारी से वार्ता के लिए उन्हें लेने आंदोलन स्थल पुलिस पहुंची तो पुलिसकर्मियों पर पथराव किया गया तथा पुलिस जीप को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था जिसमें छतौनी थाना के पुलिस इंस्पेक्टर विजय यादव समेत पांच पुलिसकर्मी घायल हो गये थे.

सत्ताधारी पार्टी जदयू के सदस्य अग्निवेश ने इस मामले में आंदोलनकारियों पर दोनों को जलाकर मार डालने और उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई को बेबुनियाद और गलत बताते हुए कहा कि दुर्भाग्यवश यह हादसा उस समय हुआ जब महात्मा गांधी चंपारण सत्याग्रह शताब्दी समारोह मनाया जा रहा था.

उन्होंने कहा कि हम लोगों ने इस बाबत तैयार की गयी जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सौंपने के लिए उनसे समय मांगा था, पर उनकी व्यस्तता के कारण समय नहीं मिल पाया. अग्निवेश ने बताया कि मुख्यमंत्री से फोन पर हुई वार्ता के दौरान उन्हें इस जांच रिपोर्ट के बारे में बताया है और उन्होंने कहा है कि इसे एसआइटी के सुपुर्द कर दिया जाएगा. उन्होंने मिल मालिक को भी शीघ्र गिरफ्तार किए जाने की मांग करते हुए कहा कि हम इस रिपोर्ट को मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज रहे हैं.

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