पटना : पटना पटना : पटना

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  • Sep 11 2013 3:50AM

नाम बड़े और दर्शन छोटे

।। सुमित ।।

दर्जा प्लस का, मगर सुविधाएं कुछ भी नहीं

पटना : पटना जंकशन पूर्व मध्य रेल के उन छह गिने-चुने स्टेशनों में शामिल है, जिन्हें प्लस का दर्जा प्राप्त है. यहां से हर साल साढ़े तीन अरब से अधिक यात्री या अपने सफर की शुरुआत करते हैं या गुजरते हैं. इससे रेलवे को सालाना करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये की आय होती है. लेकिन, जंकशन पर यात्रियों को बुनियादी सुविधाएं भी मयस्सर नहीं होतीं.

कभी आरक्षण टिकट काउंटर का प्रिंटर खराब हो जाता है, तो कभी अनारक्षित टिकट काउंटर पर पर्याप्त संख्या में कर्मी नहीं होते. वेटिंग हॉल के एसी पंखे अक्सर खराब रहते हैं. प्लेटफॉर्म संख्या छह से दस तक पर कोच इंडिकेटर नहीं है. यह स्थिति तब है, जब यात्रियों के आवागमन के मामले में पूर्व मध्य रेल के कुल 687 स्टेशनों में पटना जंकशन पहले स्थान पर है.

नहीं लगा इलेक्ट्रॉनिक रिजर्वेशन चार्ट डिस्प्ले : यात्रियों की सुविधा की दृष्टि से उपयोगी इलेक्ट्रॉनिक रिजर्वेशन चार्ट डिस्प्ले सिस्टम अब तक नहीं लग पाया है. पूमरे के ही धनबाद स्टेशन पर यह सुविधा काफी पहले उपलब्ध है. यह पारंपरिक प्रिंटेड आरक्षण चार्ट का नया स्वरूप है, जिसमें एलसीडी मॉनीटर के माध्यम से आरक्षण चार्ट का डिस्प्ले किया जा सकता है.

दूसरे जोन में 2007 से ही इसे लगाने की प्रक्रिया शुरू हुई, मगर अब तक इसमें कामयाबी नहीं मिली. इलेक्ट्रॉनिक रिजर्वेशन चार्ट डिस्प्ले सिस्टम लगने पर सिर्फ माउस के एक क्लिक से ही चार्ट प्लेटफॉर्मो पर लगे डिस्प्ले बोर्ड पर प्रदर्शित हो जायेगा. रात हो या दिन, इसकी विजिबिलिटी हमेशा क्लियर रहेगी. इसमें तो छेड़छाड़ किया जा सकेगा और ही फाड़ा जा सकेगा.

मांग के आधार पर इसे दूसरे नेटवर्क पर भी स्थानांतरित किया जा सकेगा. इस पर कंफर्म बर्थ साथ ही वेटिंग लिस्ट भी दिखेगी.

क्वाइन वेंडिंग ऑटोमेटिक प्लेटफॉर्म टिकट मशीन योजना भी अधर में : दानापुर मंडल के वरीय अधिकारियों ने जंकशन पर ऑटोमेटिक प्लेटफॉर्म टिकट के साथ क्वाइन वेंडिंग मशीन लगाने की योजना बनायी थी. लेकिन, इसे अब तक अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका है. इसके कारण हर दिन प्लेटफॉर्म टिकट काउंटर पर लंबी लाइन लगती है, जबकि खुदरा पैसे के लिए कई बार उनको काउंटरों पर ठगी का शिकार भी होना पड़ता है.

नहीं लगे एटीएम काउंटर : रेल प्रशासन ने जंकशन के करबिगहिया छोर पर कई एटीएम काउंटर लगाने की योजना बनायी थी, लेकिन उसे भी अब तक धरातल पर नहीं उतारा जा सका है. मुख्य पार्किग परिसर में पांच एटीएम हैं, जिनमें हमेशा लंबी लाइन लगी रहती है.

कोच इंडिकेटर नहीं : जंकशन के प्लेटफॉर्म संख्या छह से लेकर दस तक कोच इंडिकेटर नहीं है. इसके चलते यात्रियों को भीड़-भाड़ भरे माहौल में बोगी खोजने में परेशानी होती है. यात्रियों की शिकायत है कि जिन प्लेटफॉर्म पर पहले से ही कोच इंडिकेटर लगे हैं, वह भी सही से काम नहीं करते. जंकशन से शुरू होनेवाली गाड़ियों की बोगियां तो डिस्प्ले हो जाती हैं, मगर जंकशन होकर गुजरनेवाली ट्रेनों के बोगी नंबर इन कोच इंडिकेटर पर डिस्प्ले नहीं हो पाते.

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