नयी दिल्ली : एक पूर्व बैंक कर्मचारी ने दावा किया है कि उसने काले धन का पता लगाने की ऐसी नयी तकनीकी खोज निकाली है जिससे केई भी कर चोरी करने की हिमाकत नहीं कर सकेगा. बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व प्रबंधक जगदीश पी गुप्ता ने कहा है कि इस पद्धति से कर चोरी करने वालों के बैंक खातों से पैसों के लेनेदेन का आसानी से पता लगाया जा सकेगा. यह पद्धति काला धन जमा करने वालों के खिलाफ सौ फीसदी कारगर रहेगी. उन्होंने कहा कि इसके तहत बैंक के लिए सुपर बैंक स्टेटमेंट की सुविधा से युक्त बुक कीपिंग की एक नयी प्रणाली विकसित की जाएगी जिसमें ऐसे सिंगल एंट्री सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा जिसमें मौजूदा समय में इस्तेमाल होने वाली डबल एंट्री सिस्टम की विशेषताएं भी समाहित रहेंगी. प्रत्येक खाताधारक को एक यूनीक उपभोक्ता पहचान नंबर (सीआइएन) दिया जाएगा ताकि सरकार इस नंबर के जरिए किसी भी खाते के लेनेदेन का पूरा ब्यौरा आसानी से हासिल कर सके. व्यक्तिगत खातों के अलावा कंपनियों के खातों के लिए भी यूनीक आइडेंटिफिकेशन नंबर जारी किया जाएगा. सुपर बैंक स्टेटमेंट प्रणाली को सीआइएन के साथ जोड़ दिया जाएगा ताकि सरकार किसी भी खातें में किए गए कोई भी लेने देने का पूरा ब्यौरा जबचाहे हासिल कर सकेगी. |