| | बरेली में तनावपूर्ण स्थिति | | | |
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| | | बरेली : उत्तर प्रदेश के बरेली शहर में कल देर रात हुई हिंसा की ताजा घटनाओं के बाद व्याप्त तनाव के मद्देनजर हिंसाग्रस्त चार क्षेत्रों में कर्फ्यू में आज कोई ढील नहीं दी गयी. शहर में धाार्मिक उन्माद भड़काने के आरोप में आठ मार्च को गिरफ्तार इत्तेहाद मिल्लत कौंसिल (आइएमसी) के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा खां की रिहायी के बाद कल देर रात दो समुदाय के लोग आमने सामने आ गये. इस दौरान शहर के बारादरी क्षेत्र के कालीबाड़ी, कटरा चांद खां, जगतपुर और शहामतगंज इलाकों में हिंसा, पथराव और आगजनी की घटनाएं हुयीं. दोनों पक्षों ने जमकर नारेबाजी एवं पथराव किया तथा कई दुकानों को आग के हवाले कर दिया. सुरक्षा बलों ने काफ़ी मशक्कत के बाद हालात पर काबू पाया. शहर में हो रही इन घटनाओं के बीच आधी रात के करीब भारतीय जनता पार्टी की उत्तर प्रदेश इकाई के महामंत्री और बरेली शहर क्षेत्र के विधायक राजेश अग्रवाल और पूर्व केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने दंगे के दोषियों की शिनाख्त कर उन्हें सजा दिलाये जाने की मांग को लेकर जिलाधिकारी आवास के बाहर धरना शुरू कर दिया. पुलिस उपमहानिरीक्षक और जिलाधिकारी द्वारा जेल में बंद निदरेष लोगों को रिहा कराने का आश्वासन दिये जाने पर करीब दो घंटे बाद धरना समाप्त किया गया. शहर के सुभाषनगर, संजयनगर और नेकपुर इलाकों में आज सुबह एकत्रित एक वर्ग के लोगों ने नारेबाजी की. नेकपुर में कुछ वाहनों और दुकानों में आगजनी किए जाने की भी सूचना है. बमनपुरी में चल रही रामलीला के समापन पर डेड़ सौ साल से निकाली जाने वाली रामबारात शहर के मौजूदा माहौल को देखते हुए आज नहीं निकाली गयी. इस बीच आधिकारिक सूत्रों ने दावा किया कि शहर में आज स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और अब तक कहीं से किसी अप्रिय घटना की कोई सूचना नहीं मिली है. प्रशासन के आदेश पर शहर के सभी स्कूल, कॉलेज आज बंद रहे और सिर्फ़ बोर्ड परीक्षाएं ही हो रही हैं. यह आदेश शहर के सभी इंजीनियरिंग तथा प्रबंधन कॉलेजों पर भी प्रभावी है. उधर शहर में आज भी सारे दिन अफ़वाहों का बाजार गर्म रहा और दहशतजदा लोगों में विश्वास जगाने के लिए द्रुत कार्य बल (आरएएफ़) और पुलिस ने फ्लैग मार्च किया. |
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