हजारीबाग  नक्सल विरोधी अभियान चलता रहेगा. संगठित अपराध रोकने के लिए व अभियान चला कर लंबित मामलों का निष्पादन करने के लिए खास निर्देश दिये गये हैं. अभियुक्तों को 167 का लाभ नहीं मिले, इसके लिये अनुसंधानकर्ताओं को अनुसंधान के तरीके बताये गये हैं. उ बातें आइजी केएस मीणा ने गुरुवार को एसपी कार्यालय में कही. साथ में डीआइजी एमएस भाटिया व एसपी पंकज कंबोज भी थे.आइजी श्री मीणा एसपी कार्यालय व पुलिस केंद्र का निरीक्षण करने हजारीबाग आये हुए हैं. उन्होंने कहा कि नक्सलियों के खिलाफ जारी अभियान का ही नतीजा है कि बोकारो में पांडू मांझी जैसा इनामी उग्रवादी पकड़ा गया. बोकारो व हजारीबाग में घटी कई उग्रवादी कांडों का उसने खुलासा किया है. नाइन एमएम की पिस्टल, गिरिडीह होमगार्ड प्रशिक्षण केंद्र से लूटी गयी दो रायफल,  करीब 400 कारतूस व अमोनियम नाइट्रेट सहित अन्य सामग्रियां बरामद हुई हैं. पुलिस के सिविक्स एक्शन के संबंध में आइजी ने कहा कि यह एसपी स्तर से चलाया जानेवाला अभियान है. समयानुसार इसके लिये मार्ग दर्शन कराया जाता है. संगठित अपराध रोकने के लिए राज्य स्तर पर अलग सेटअप है. सीआइडी की टीम भी ऐसे अपराधों पर काम करती है.हजारीबाग के मशहूर रामनवमी के बाबत आइजी ने कहा कि आवश्यकता के मुताबिक पुलिस बल यहां उपलब्ध करायी जायेगी.167 का लाभ लेकर जो अपराधी जेल से बाहर निकल कर अपराध की दुनियां को फिर से आबाद करने लगते हैं, इसके लिये अनुसंधानकर्ताओं को ठोस साक्ष्य संग्रह करने का निर्देश दिया गया है. साक्ष्य नहीं जुट पाने की स्थिति में अभियुक्तों को धारा 167 का लाभ मिलता है. आइजी ने लोकल एरिया नेटवर्क सिस्टम को और दुरुस्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया. |