नयी दिल्ली : अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के एक दिन बाद मंगलवार को राज्यसभा ने महिला आरक्षण बिल को पास कर दिया. देश भर की महिलाएं खुशी से झूम उठी. कई शहरों में महिलाएं सड़क पर उतर आयीं. अबीर-गुलाल उड़े. पटाखे चले. बधाइयों का तांता लग गया. विधेयक के पारित होने के बाद सदन में मौजूद करीब 20 महिला सदस्यों के चेहरों पर उल्लास देखने लायक था. और तो और वीआइपी दीर्घाओं, दर्शक दीर्घा और प्रेस दीर्घा में बैठ कर इस ऐतिहासिक क्षण की चश्मदीद गवाह बनी महिलाओं ने भी इस मौके का स्वागत किया.155 की ही थी आवश्यकताराज्यसभा में दो दिनों तक चले जबरदस्त हंगामे, शोर-शराबा, तोड़फोड़  के बाद मंगलवार को साढ़े तीन घंटे तक बहस हुई. इसके बाद सदन में विधेयक पर वोटिंग कराया गया. महिला आरक्षण बिल के पक्ष में 186 और विपक्ष में मात्र एक वोट पड़े. हालांकि इसे पास कराने के लिए 155 वोट की ही आवश्यकता थी.तृणमूल व बसपा ने वोट नहीं कियाबसपा के सांसदों ने चर्चा में भाग लिया. पर वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया.  हालांकि विरोध में पड़े एक मत बसपा के ही थे. सपा, लोजपा और राजद के सांसदों ने वॉकआउट किया. इन दलों ने चर्चा में भी भाग नहीं लिया. इन तीन पार्टियों के सात सांसदों को चर्चा से पहले निलंबित कर दिया गया था. उन्हें बाद में मार्शलों की मदद से सदन से बाहर किया गया था. यूपीए के प्रमुख सहयोगी तृणमूल कांग्रेस ने भी वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया. कई सांसद अनुपस्थित भी थे. इलेक्ट्रॉनिक मशीन से हुआ वोटिंगनयी दिल्ली : भाजपा की मांग पर बिल पर बहस दिन के तीन बजे से शु हुई. 6.30 बजे शाम तक चली. चर्चा पर विधि मंत्री वीरप्पा मोइली का जवाब होने के बाद सभापति हामिद अंसारी ने विधेयक पर इलेक्ट्रॉनिक मशीन से मतदान कराया.जो सांसद मशीन से मतदान नहीं कर पाये, उन्हें परची दी गयी.मोइली ने दिया जवाबश्री मोइली ने चर्चा का जवाब देते हुए कहा  महिला आरक्षण विधेयक के भीतर अन्य पिछड़ वर्गो के लिए अलग से आरक्षण को लेकर उन्होंने सदन के भीतर और बाहर कुछ गलतफ़हमियां सुनी है. वह सदन को स्पष्ट करना चाहेंगे कि सरकार इस मुद्दे पर दृढ़ता से विचार करना चाहती है. सरकार चाहती है कि अन्य पिछड़े वर्गो के वास्तविक प्रतिनिधियों को आरक्षण मिले. पर 1935 से अन्य पिछड़े वर्गो के बारे में अलग से जनगणना नहीं हो पायी है. सरकार के पास पूरे आंकड़े नहीं हैं. इन मुद्दों पर विधेयक में अलग प्रावधान के जरिये विचार किया जायेगा. |