मुंबई : यूरोपीय देशों में जारी ॅण संकट और ऐशयाई बाजारों में गिरावट के बीच घरेलू शेयर बाजार सहमे रहे. चालू वित्त वर्ष में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 7.2 प्रतिशत के अग्रिम अनुमान के आंकड़े भी बाजार में मजबूती नहीं ला पाये. यह सपाट बंद हुए. धातु, एचसी और ऑटो वर्ग के शेयरों में चौतरफ़ा बिकवाली हुई, जिससे बाजार लगातार दबाव में बने रहे. बंबई स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 19.96 अंक उठकर 15935.61 अंक पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 3.15 अंक चढ़कर 4760.40 अंक के स्तर पर बंद हुआ. सेंसेक्स महज 15 अंकों की तेजी पर 15931.34 अंक पर खुला. हालांकि बीच कारोबार में खरीदारी के जोर पर एक समय यह 16 हजार के स्तर को पार करते हुए 16061.41 के शिखर तक जा पहुंचा. जल्दी ही 15651.99 अंक के न्यूतनतम स्तर तक लुढ़कते हुए ओखर में पिछले कारोबारी सत्र के 15915.65 अंक के मुकाबले 19.96 यानी 0.13 फीसदी की बढ़त के साथ 15935.61 अंक पर बंद हुआ. निफ्टी 4755.35 अंक पर स्थिर शुरुआत करते हुए 4799.05 अंक के ऊंचे और 4675.40 अंक के नीचे स्तर तक गया. ओखर में 3.15 अंक यानी 0.07 प्रतिशत चढ़ कर 4760.40 अंक पर बंद हुआ. पिछले कारोबारी सत्र में यह 4757.25 अंक पर रहा था. बीएसइ का मिडकैप 5.57 अंक यानी 0.09 फीसदी नीचे जाते हुए 6430.36 अंक पर और स्मॉलकैप 6.73 यानी 0.08 अंक गिरकर 8191.20 अंक पर बंद हुआ. उधर, ओर्थक विशेषज्ञों का मानना है कि वित्तीय घाटे को कम रखने के लिए वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी को जहां एक तरफ़ खचाब को सीमित दायरे में रखना होगा. वहीं दूसरी तरफ़ राजस्व जुटाने के लिए पिछले बजट में दी गयी कुछ रियायतों को वापस भी लेना पड़ सकता है. |