| | भारतीय छात्रों को पसंद आ रहा है दुबई | | | |
| | | | Change font size: |  | | |  | | |
| |
| |  दुबई : प्रवेश की आसान शर्त और नौकरी के बेहतर आयामों ने दुबई के शिक्षण संस्थानों को भारतीय छात्रों की पसंदीदा जगह बना दिया है. भारत में गलाकाट प्रतिस्पर्धा के चलते जो बच्चे ऊंचे संस्थानों जैसे बिरला इंस्टीटय़ूट ऑफ़ टेक्नोलाजी, पिलानी और रांची या मनिपाल अकादमी में प्रवेश नहीं पाते हैं वे पैसे के बल पर दुबई के कई शिक्षण संस्थानों में प्रवेश पा सकते हैं. भारत के वाणिज्य दूतावास के अनुसार देश के बाहर 19 भारतीय शिक्षण संस्थान हैं. दुबई और उत्तरी अमीरात में साढ़े चार हजार विद्यार्थी इन संस्थानों ने शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं. भारतीय संस्थानों के दुबई में ये कैंपस मोटी कमायी का जरिया बन रहे हैं. गल्फ़ न्यूज पब्लिकेशन की एक रिपोर्ट के अनुसार एक साल में पांच लाख रूपये खर्च कर बिट्स दुबई से डिग्री मिल सकती है. इसलिए भारत से बड़ी संख्या में उच्च शिक्षण के लिए दुबई को पसंद कर रहे हैं. संयुक्त अरब अमीरात (यूएइ) के ये कैंपस कई कारणों से पसंद किये जा रहे हैं. मसलन यहां कम अंको में प्रवेश की सुविधा, सुरक्षा और नौकरी के बेहतर आयाम उनकी लोकप्रियता को और बढ़ावा दे रहे हैं. हालांकि भारत के मुकाबले संयुक्त अरब अमीरात में यह शिक्षा तीन से चार गुना महंगी है. संस्थान के निदेशक एम रामचन्द्रन ने बताया कि इंजीनियरिंग के सात कार्यक्रमों में उन छात्रों को तरजीह दी जाती है जो यूएइ के हैं .इसके बाद बची हुई सीटों पर भारतीय छात्रों को प्रवेश दिया जाता है. इसके बावजूद 1730 छात्रों में से 40 प्रतिशत छात्र भारतीय हैं. दुबई के एसपी जैन सेंटर ऑफ़ मैनेजमेंट के डीन डॉ माइकल बरनेस ने बताया कि यहां पढ़ने वाले 400 छात्रों में से 85 प्रतिशत छात्र भारतीय हैं.अमीर भारतीय छात्रों के लिये दुबई के ये शिक्षण संस्थान पढ़ाई के लिये बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं. |
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
| |
|
|