नयी दिल्ली : समाजवादी पार्टी (सपा) के पूर्व महासचिव अमर सिंह ने अपने नजदीकी मित्र और बॉलीवुड शहंशाह अमिताभ बच्चन के भगवा खेमे की ओर जाने के आरोपों को सिरे से नकारते हुये कहा है कि गुजरात का पर्यटन दूत बनने  का जया बच्चन की राज्यसभा सदस्यता से कोई लेना-देना नहीं है. गत सप्ताह ही सपा से नाता तोड़ने वाले श्री सिंह ने अपने ब्लॉग पर कहा कि अमिताभ गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के अनुरोध पर राज्य पर्यटन विभाग का ब्रांड एम्बेस्डर बनने को तैयार हुये हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वह भगवा खेमे की ओर जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि फिल्म पा के प्रदर्शन के समय अमिताभ और मोदी दोनों की मुलाकात हुयी थी और उसी समय इसका मन बना था. उन्होंने कहा कि वह मुलाकात एक राज्य के मुख्यमंत्री से थी न कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के कार्यकर्ता से. यह मुलाकात कुछ वैसी ही थी जैसी कि सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव की संघ प्रमुख के एस सुदर्शन के साथ थी. क्या श्री सुदर्शन से मिलने का मतलब यह हुआ कि श्री यादव संघ के खेमे में चले गये थे. श्री सिंह ने कहा कि श्री बच्चन अपनी भूमिका में गुजरात के पर्यटन स्थलों का प्रचार करेंगे और यदि अन्य राज्य सरकारे उनसे ऐसा करने का अनुरोध करती हैं तो वह भी करेंगे. श्री सिंह ने सपा प्रवक्ता के उस बयान की भी आलोचना की जिसमें उन्होंने कहा था कि श्री बच्चन की यह पूरी कवायद अपनी पत्नी जया बच्चन को फ़िर से राज्य सभा भेजने के लिये है. श्री सिंह ने कहा कि सपा प्रवक्ता का यह आरोप पूरी तरह से निराधार है कि उन्होंने सपा में पूंजीपतियों और फ़िल्मी सितारों को लाकर उन्होंने पूंजी और सांप्रदायिकता का घोल मिला दिया. उन्होंने उदाहरण देते हुये कहा कि विश्व हिंदु परिषद अध्यक्ष विष्णु डालमिया के उद्योगपति बेटे संजय डालमिया को मेरे आने से पहले ही सपा ने राज्यसभा में मनोनीत कराया था. उन्होंने कहा कि श्री यादव ने श्री बच्चन की भूरि भूरि प्रशंसा की है जबकि आप उनको गालियां दे रहे हैं जो यह दर्शाता है कि आप दोनों के बीच समन्वय नहीं है.