आज भोजपुरी फिल्में अपने क्षेत्र में हिंदी फिल्मों को मात दे रही हैं. भोजपुरी फिल्मों को शुरुआत में लोकप्रिय बनाने में सुजीत कुमार का अहम योगदान रहा है. 75 वर्षीय सुजीत कुमार का मुंबई में इस शुक्रवार को निधन हो गया. जिस तरह राजेश खन्ना को हिंदी फिल्मों का पहला सुपर स्टार माना जाता है, उसी तरह सुजीत कुमार भोजपुरी फिल्मों के पहले सुपर स्टार थे. संयोग भी है कि दोनों रील और रियल लाइफ में अच्छे दोस्त थे और कई फिल्मों में साथ काम भी किये थे. आराधना का मेरे सपनों की रानी..गाना में राजेश खन्ना के साथ जीप चलाते हुए माउथ ऑर्गन बजाते सुजीत कुमार की लोकप्रियता चरम पर थी. इस फिल्म के बाद राजेश खन्ना के साथ हाथी मेरे साथी, अमर प्रेम, मेहबूबा, रोटी ओद फिल्मों में काम किया. हिंदी फिल्मों में वह हीरो के दोस्त या विलेन दोनों भूमिकाओं में खूब दिखे. उनकी लोकप्रिय फिल्में थीं जुगनू, अदालत, द ग्रेट गैंबलर, चरस, धर्मवीर, ड्रीम गर्ल, आंखें, देस-परदेस ओद. एक्टर के साथ-साथ सुजीत कुमार ने हिंदी और भोजपुरी में कई फिल्मों का निर्माण और निर्देशन भी किया. भोजपुरी की बिग बजट फिल्म पान खाये सइयां हमार को उन्होंने डायरेक्ट भी किया. इस फिल्म में अमिताभ बच्चन और रेखा भी छोटी भूमिकाओं में थे. हिंदी में अमिताभ, जॉन, बिपाशा को लेकर एतबार, अनिल-माधुरी के साथ खेल और सन्नी देओल-मनीषा के साथ चैंपियन फिल्में भी बनायीं.  भोजपुरी की शुरुआती फिल्मों में बिदेसिया, लागी नहीं छूटे रामा, दंगल, गंगा कहे पुकार के, सजनवा बैरी भइल हमार, हमार भौजी, माई के लाल ओद में सुजीत कुमार ने अपनी अदाकारी से पूरे भोजपुरी समाज के दिल को जीत लिया था.वे सिर्फ यूपी, बिहार में ही नहीं, बल्कि मॉरीशस, फिजी, गुयाना, त्रिनिदाद एंड टोबैगो, सूरीनाम ओद में भी उतने ही लोकपि‘य थे. सुजीत कुमार के परिवार में बेटा जतिन कुमार और बेटी हिना हैं. |