| | महिला साक्षरता जैन समूह में सबसे ज्यादा | | | |
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| | | नयी दिल्ली : देशभर में सबसे ज्यादा साक्षरता दर 94.1 फ़ीसदी जैन समुदाय में है. इसमें महिला साक्षरता दर 90.6 प्रतिशत है. गांधीजी पर जैन विचारधारा का कितना प्रभाव था, भारतीय संविधान में जैन प्रतीक चि:ों का कितना प्रयोग है, जैन समुदाय को अल्पसंख्यक का दर्जा आखिर क्यों चाहिए और जैन दर्शन में भूतप्रेत की कोई अवधारणा ही नहीं है, जैसे तमाम सवालों के जवाब में राजधानी में इन दिनों चल रहे पुस्तक मेले में जारी एक पुस्तक में दिए गए हैं. एंटीक्िबटी ऑफ़ जैनिज्म नामक इस पुस्तक को विश्व जैन संगठन द्वारा प्रकाशित किया गया है. आज ही इस मेल में इस पुस्तक का विमोचन किया. पुस्तक के संपादक तथा संगठन के अध्यक्ष संजय कुमार जैन के अनुसार ज्ञान मुनि सागर महाराज तथा वास्तुनंदी जी महाराज के आर्शीवाद से बनी इस पुस्तक में अक्सर पूछे जाने वाले तमाम सवालों का जवाब देने की कोशिश की गयी है. श्री जैन ने बताया कि सरकारी आंकड़ों के अनुसार सभी धार्मिक संप्रदायों की राष्ट्रीय साक्षरता दर 64.8 फ़ीसदी है. वहीं यह दर जैन समुदाय में सबसे ज्यादा है. इसके  बाद ईसाई समुदाय में 80.3 फ़ीसदी, बौद्ध समुदाय में 72.7 फ़ीसदी और सिख समुदाय में 69.4 फ़ीसदी है. श्री जैन ने बताया कि इस पुस्तक में इस बात का ब्यौरा दिया गया है गांधी जी विचार एवं व्यवहार में किस प्रकार जैन विचारधारा से प्रभावित रहे. जैन धर्म के अहिंसा के मूलमंत्र को उन्होंने सत्याग्रह के आंदोलन का आधार बनाया. शाकाहारी रहे तथा जीओ एवं जीने दो के सिद्धांत को दुनिया भर मान्यता दिलायी. |
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