| | मुलायम का अमर प्रेम खत्म | | | |
| | | | Change font size: |  | | |  | | |
| |
| | | लखनऊ : समाजवादी पार्टी में पिछले एक महीने से चल रहे नाटक का मंगलवार को पटाक्षेप हो गया. पार्टी के संसदीय बोर्ड ने राज्यसभा सांसद अमर सिंह और लोकसभा सदस्य जयाप्रदा को प्राथमिक सदस्यता से बरखास्त कर दिया. इनका समर्थन करनेवाले चार विधायकों को निलंबित कर दिया.संसद की सदस्यता खत्म करने का अनुरोध : सपा के महासचिव और प्रवक्ता मोहन सिंह ने कहा  स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर पार्टी के सभी पदों से त्यागपत्र देनेवाले अमर सिंह लगातार पार्टी विरोधी गतिविधि चला रहे थे. रामपुर से सांसद जयाप्रदा ने वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ़ अशिष्ट भाषा का इस्तेमाल किया.आपत्तिजनक बातें कही, जो कोई भी पार्टी बरदाश्त नहीं कर सकती. अमर सिंह की राज्यसभा सदस्यता खत्म करने के लिए राज्यसभा के सभापति के समक्ष याचिका दायर की जायेगी. इसी तरह जयाप्रदा की सदस्यता खत्म करने के लिए लोकसभा अध्यक्ष से अनुरोध किया जायेगा. इसके लिये कानूनी राय ली जा रही है.अनुशासन जरी श्री सिंह ने अपरोक्ष रूप से स्वीकार किया कि अमर सिंह को पार्टी से बरखास्त करने से सपा को वित्तीय नुकसान होगा. लेकिन यह भी कहा कि किसी भी राजनीतिक पार्टी का अस्तित्व बचाये रखने के लिए अनुशासन भी उतना ही जरूरी है.चाहे मुङो भी निकाल दो, पर अमर सही : जया राज्यसभा सदस्य जया बच्चन ने कहा  मुलायम सिंह ने अमर के साथ गलत किया है. पार्टी चाहे, तो मुङो भी निकाल सकती है. इससे पहले अमर सिंह ने कहा कि समाजवादी पार्टी में यदि दम है, तो वह जया बच्चन को भी पार्टी से निकाल कर दिखाये. वह मेरे साथ हैं. पार्टी में जया के खिलाफ़ बोलने की हिम्मत किसी में नहीं हैं.सपा एक परिवार की पार्टी  मनोज तिवारीभोजपुरी फ़िल्म के सुपर स्टार और सपा नेता मनोज तिवारी ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफ़ा दे दिया. उन्होंने कहा  सपा एक परिवार की पार्टी बन कर रह गयी है. सपा एक राज्य की पार्टी बनी हुई है. जबकि मेरा कार्यक्षेत्र बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश है. इन तीनों राज्यों की बेहतरी के लिए काम करना चाहते हूं.अमर सिंह जैसे लोग समाजवादी आंदोलन को कमजोर करने के लिए पूंजीवादी ताकतों के घुसपैठिये के रूप में आये थे. अपना मकसद पूरा करने के बाद वह खुद पार्टी छोड़ देते. नेतृत्व ऐसे लोगों को लेकर जल्द ही सतर्क हो गया.- मोहन सिंह, प्रवा और महासचिव, सपासपा के इस कदम से मुङो घुटन से आजादी मिल गयी. इसके लिए मुलायम सिंह को धन्यवाद देता हूं. मैं अपनी मर्जी से काम करने के लिए आजाद हूं. जातिवाद-परिवारवाद से कोई पार्टी नहीं चल सकती. |
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
| |
|
|